कानपुर लैंबॉर्गिनी केस: गाड़ी में खराबी, शिवम को झपकी, ड्राइवर का ध्यान भंग… बेटे को बचाने के लिए पिता केके मिश्रा ने क्या-क्या कहा!
कानपुर लैंबॉर्गिनी केस: गाड़ी में खराबी, शिवम को झपकी, ड्राइवर का ध्यान भंग… बेटे को बचाने के लिए पिता केके मिश्रा ने क्या-क्या कहा!
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार दोपहर हुई लैंबॉर्गिनी दुर्घटना का मामला अब नए मोड़ पर है। शहर के मशहूर तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की लग्जरी कार (लगभग 10-14 करोड़ की Lamborghini Revuelto) ने VIP रोड पर तेज रफ्तार में ऑटो, बाइक और पैदल यात्रियों को टक्कर मारकर 6 लोगों को घायल कर दिया। पुलिस ने शिवम को मुख्य आरोपी मानते हुए FIR दर्ज की है, लेकिन पिता केके मिश्रा ने बेटे को बचाने के लिए एक नया वर्जन पेश किया है।
पिता केके मिश्रा के मुख्य बयान (मीडिया से बातचीत और पुलिस को दिए गए):
शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था: “मेरा बेटा शिवम हादसे के समय ड्राइविंग सीट पर नहीं था। कार हमारा ड्राइवर मोहन चला रहा था। जांच में यह साफ हो जाएगा।”
गाड़ी में पहले से खराबी थी: “दुर्घटना से एक दिन पहले लैंबॉर्गिनी में कुछ तकनीकी खराबी आई थी। मैकेनिक ने ठीक किया, लेकिन अगले दिन शिवम और ड्राइवर ने कार को टेस्ट ड्राइव के लिए निकाला। सिविल लाइंस से वापस आते समय समस्या हुई।”
शिवम को झपकी/नींद आई, बेहोश सा हो गया: “रास्ते में शिवम बेहोश सा होने लगा और सोने लगा (झपकी आने लगी या नींद में लग रहा था)। ड्राइवर ने शिवम की तरफ ध्यान दिया, हाथ बढ़ाया तो गाड़ी धीमी हो गई और बैलेंस बिगड़ गया।”
ड्राइवर का ध्यान भंग होने से हादसा: “ड्राइवर शिवम को देखने लगा, जिससे उसका ध्यान भटक गया। गाड़ी स्लो थी, लेकिन तभी एक टेम्पो/ऑटो ने साइड से टक्कर मार दी। यह पूरी तरह एक्सीडेंट था, कोई जानबूझकर नहीं किया।”
पुलिस के दावे पर सवाल: पिता ने पुलिस कमिश्नर के बयान (कि शिवम ही ड्राइविंग कर रहा था) को खारिज किया और कहा कि CCTV और चश्मदीदों के बयान गलत तरीके से देखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिवम स्वास्थ्य खराब होने के कारण अस्पताल में है (दिल्ली में भर्ती), और जल्द बयान दर्ज कराएगा।
अन्य दावे: परिवार का कहना है कि शिवम को पिछले 6 महीनों से मेडिकल कंडीशन (सीजर जैसी) है, जिससे कंट्रोल खो सकता था। वकील ने भी यही दोहराया कि शिवम पैसेंजर था, ड्राइवर मोहन जिम्मेदार है।
पुलिस का पक्ष:
CCTV फुटेज और चश्मदीदों के अनुसार शिवम ही ड्राइविंग कर रहा था। बाउंसर्स ने उसे कार से निकालकर भागाने की कोशिश की।
FIR में BNS की धाराएं (लापरवाही से ड्राइविंग, जीवन को खतरे में डालना, संपत्ति क्षति) लगाई गईं।
शिवम पुलिस हिरासत में है या जांच में शामिल होने को तैयार, लेकिन पिता ने सहयोग का वादा किया है।
यह मामला ‘बड़े बाप के लड़के’ की रसूख और जिम्मेदारी पर सवाल उठा रहा है। क्या पिता के दावे जांच में साबित होंगे या CCTV सबूत हावी रहेंगे? आने वाले दिनों में कोर्ट सुनवाई से और सच्चाई सामने आएगी।
