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पश्चिम बंगाल में बड़ा एक्शन: हुमायूं कबीर की बेटी के ससुराल पक्ष की 18 करोड़ की संपत्ति जब्त, ड्रग तस्करी का आरोप

पश्चिम बंगाल में बड़ा एक्शन: हुमायूं कबीर की बेटी के ससुराल पक्ष की 18 करोड़ की संपत्ति जब्त, ड्रग तस्करी का आरोप; कबीर ने कहा- राजनीतिक बदले की कार्रवाई!

कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में ड्रग तस्करी मामले में निलंबित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक और जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर की बेटी के ससुराल पक्ष पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। लालगोला थाना पुलिस ने सोमवार और मंगलवार को दो दिनों में कुल 18 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त/सील कर दी हैं। यह कार्रवाई कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश और एनडीपीएस एक्ट के तहत केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निर्देश पर हुई है।

जब्त की गई संपत्तियों की डिटेल्स:

कुल संपत्तियां: 17 (कुछ रिपोर्ट्स में 14-17 बताई गई हैं)

मुख्य आरोपी: शरीफुल इस्लाम (हुमायूं कबीर की बेटी नजमा सुल्ताना के ससुर/फादर-इन-लॉ) और उनके चचेरे भाई जियाउल इस्लाम

संपत्तियों में शामिल: जमीन, मकान, आवासीय भवन, होटल, ईंट भट्टे, व्यावसायिक दुकानें, स्कूल और लॉज

अनुमानित मूल्य: पहले दिन करीब 10-10.73 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त, दूसरे दिन अतिरिक्त 8 करोड़ की (कुल 18 करोड़+)

स्थान: मुख्य रूप से लालगोला बस स्टैंड के आसपास और जिले के विभिन्न इलाकों में

पुलिस का दावा:

शरीफुल इस्लाम पर मादक पदार्थ (ड्रग्स) तस्करी का आरोप है, जिसमें हेरोइन स्मगलिंग शामिल है।

पिछले साल मार्च में जियाउल इस्लाम की गिरफ्तारी के बाद जांच में पता चला कि ड्रग तस्करी से कमाए अवैध धन से ये संपत्तियां खरीदी गईं।

यह कार्रवाई अवैध संपत्ति जब्ती के तहत की गई, ताकि ड्रग मनी से बनी प्रॉपर्टी पर कब्जा हो सके।

हुमायूं कबीर का पक्ष:

हुमायूं कबीर ने इसे पूरी तरह राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।

उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाया कि यह उनकी हालिया ‘बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण’ की योजना से जुड़ा है।

कबीर ने कहा कि आरोप झूठे हैं और परिवार को फंसाने की साजिश रची जा रही है।

परिवार ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही।

सियासी घमासान:

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ नाम से नई मस्जिद बनाने की घोषणा की थी, जिस पर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया। टीएमसी ने भी कबीर को पहले निलंबित किया था। अब यह कार्रवाई टीएमसी vs कबीर के बीच नए विवाद को जन्म दे रही है। विपक्षी दल इसे ममता सरकार की ‘साजिश’ बता रहे हैं, जबकि पुलिस ने इसे कानूनी प्रक्रिया बताया है।

फिलहाल, संपत्तियों को सील कर दिया गया है और आगे की जांच जारी है। क्या यह मामला कोर्ट में जाएगा या राजनीतिक स्तर पर और गरमाएगा? बंगाल की सियासत में यह नया ट्विस्ट सबकी नजरों में है।

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