सूरजकुंड मेला हादसे में पुलिस का सख्त एक्शन: झूला कंपनी के मालिक मोहम्मद शाकिर समेत 2 गिरफ्तार, गैर-इरादतन हत्या का केस
सूरजकुंड मेला हादसे में पुलिस का सख्त एक्शन: झूला कंपनी के मालिक मोहम्मद शाकिर समेत 2 गिरफ्तार, गैर-इरादतन हत्या का केस
हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में 7 फरवरी शाम को हुए दर्दनाक झूला हादसे के मामले में पुलिस ने तेज कार्रवाई की है। ‘टॉप स्पिन’ या ‘सुनामी’ नामक हाई-स्पीड पेंडुलम झूला अचानक टूटकर गिर गया था, जिसमें 15-20 लोग सवार थे। हादसे में 13 लोग घायल हुए और बचाव कार्य के दौरान हरियाणा पुलिस के निरीक्षक जगदीश प्रसाद शहीद हो गए।
पुलिस ने इस मामले में झूला लगाने वाली कंपनी ‘हिमाचल फन केयर’ के प्रोपराइटर मोहम्मद शाकिर (निवासी: गांव टोका नंगला, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश) और एक अन्य आरोपी नितेश (निवासी: धर्मपुरी सदर, मेरठ कैंट, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया है। थाना सूरजकुंड में मोहम्मद शाकिर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (कुलपेबल होमिसाइड नॉट अमाउंटिंग टू मर्डर) सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि कंपनी ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की, जिससे मैकेनिकल फेलियर हुआ और लोगों की जान खतरे में पड़ गई।
पुलिस कमिश्नर ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है। मेले में सभी झूले/राइड्स को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। निरीक्षक जगदीश प्रसाद, जो 2020 में पुलिस मेडल से सम्मानित हो चुके थे और जल्द रिटायर होने वाले थे, को शहीद का दर्जा दिया गया है। सरकार ने उनके परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा और अनुकंपा नौकरी देने की घोषणा की है। घायलों में से ज्यादातर की हालत स्थिर है, कुछ को डिस्चार्ज कर दिया गया।
यह हादसा मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित सर्टिफिकेशन के बावजूद लापरवाही बरती गई। पुलिस आगे की जांच में कंपनी के अन्य स्टाफ और मेले आयोजकों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। फैंस और स्थानीय लोग न्याय की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे ‘मौत के झूले’ न लगें।
