गौरव गोगोई के ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ पर SIT रिपोर्ट: असम कैबिनेट ने MHA को सौंपी जांच, सीएम हिमंता ने लगाए गंभीर आरोप
गौरव गोगोई के ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ पर SIT रिपोर्ट: असम कैबिनेट ने MHA को सौंपी जांच, सीएम हिमंता ने लगाए गंभीर आरोप
असम में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पर पाकिस्तान से कथित गहरे संबंधों का आरोप लगाते हुए राज्य कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट गृह मंत्रालय (MHA) को भेजी जाएगी। सीएम ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में 44 पेज की SIT रिपोर्ट के आधार पर दावा किया कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए राज्य एजेंसियां आगे जांच नहीं कर सकतीं।
हिमंता सरमा ने आरोप लगाया कि एलिजाबेथ ने 2011-2012 में पाकिस्तान स्थित NGO ‘LEAD Pakistan’ में कंसल्टेंट के तौर पर काम किया, जहां उनका मासिक वेतन 2.50 लाख पाकिस्तानी रुपये तक था। वेतन पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख (जिनके ISI से कथित संबंध बताए जा रहे हैं) ने दिया। उन्होंने दावा किया कि एलिजाबेथ ने 2014 में मोदी सरकार आने के बाद 45 पेज का ‘कॉन्फिडेंशियल’ रिपोर्ट शेख को भेजा, जिसमें भारत में क्लाइमेट चेंज एक्टिविटीज को ‘लो रिस्क, लो विजिबिलिटी’ तरीके से चलाने की सलाह दी गई। सरमा ने कहा कि एलिजाबेथ ने SIT पूछताछ में पाकिस्तानी बैंक अकाउंट होने की बात मानी, लेकिन इसे बंद करने की जानकारी नहीं दी। यह अकाउंट गौरव गोगोई के चुनावी हलफनामे में नहीं दिखाया गया।
सीएम ने और गंभीर आरोप लगाया कि गौरव गोगोई 2013 में (जब उनके पिता तरुण गोगोई असम के मुख्यमंत्री थे) गुपचुप तरीके से अटारी बॉर्डर से पाकिस्तान गए और 10 दिन (14-24 दिसंबर) वहां रहे। इस दौरान वे सोशल मीडिया पर ‘डिजिटली साइलेंट’ थे। सरमा ने संदेह जताया कि इस दौरान उन्हें ‘किसी तरह की ट्रेनिंग’ दी गई। एलिजाबेथ ने शादी से पहले 3 बार और बाद में 9 बार पाकिस्तान का दौरा किया।
असम कैबिनेट ने रिपोर्ट MHA को भेजकर केंद्रीय एजेंसी (जैसे NIA या CBI) से जांच की सिफारिश की है। सरमा ने कहा, “यह सिर्फ राजनीति नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। असम से एक सांसद का पाकिस्तान कनेक्शन देश के लिए खतरा है।”
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इन आरोपों को खारिज करते हुए हिमंता की प्रेस कॉन्फ्रेंस को ‘C-ग्रेड फिल्म’ करार दिया और कहा कि यह उनके खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई है। कांग्रेस ने इसे ‘बेबुनियाद’ बताया और कहा कि यह असम में BJP की हार छिपाने की कोशिश है।
यह विवाद असम विधानसभा चुनावों से पहले BJP और कांग्रेस के बीच घमासान बढ़ा रहा है। MHA की जांच से क्या खुलासे होते हैं, यह देखना बाकी है।
