चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में किया आत्मसमर्पण, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया था अल्टीमेटम
बॉलीवुड के प्रसिद्ध कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव ने चेक बाउंस के एक लंबे समय से चल रहे मामले में आज शाम दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। तिहाड़ जेल सूत्रों के अनुसार, राजपाल यादव ने शाम करीब 4 बजे जेल सुपरिंटेंडेंट के सामने आत्मसमर्पण किया और उन्हें जेल नंबर 7 में भेज दिया गया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को अभिनेता की समय सीमा बढ़ाने की याचिका खारिज कर दी थी और उन्हें तुरंत सरेंडर करने का सख्त निर्देश दिया था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने फटकार लगाते हुए कहा, “कोर्ट किसी व्यक्ति के लिए विशेष छूट नहीं दे सकता सिर्फ इसलिए कि वह किसी खास इंडस्ट्री (बॉलीवुड) से जुड़ा है।” कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि राजपाल यादव ने पहले कई बार सेटलमेंट का वादा किया था, लेकिन बार-बार undertakings तोड़ीं, जो कानून की अवमानना है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला साल 2010 का है, जिसमें फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़े एक प्रोजेक्ट के लिए 5 करोड़ रुपये के लोन और सेटलमेंट से संबंधित चेक बाउंस हुए थे। शिकायतकर्ता कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने केस दर्ज किया था। कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और 6 महीने की साधारण कैद तथा जुर्माने की सजा सुनाई थी। अभिनेता ने सेटलमेंट के लिए कई बार समय मांगा, लेकिन पूरा भुगतान नहीं किया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने सख्ती बरती।
2 फरवरी को हाईकोर्ट ने 4 फरवरी तक सरेंडर करने का अल्टीमेटम दिया था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान राजपाल यादव खुद कोर्ट में मौजूद थे और अतिरिक्त समय की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इसे ठुकरा दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरेंडर के बाद ही कोई आगे की राहत या याचिका पर विचार किया जा सकता है।
राजपाल यादव के इस सरेंडर की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में हलचल मच गई है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला कानून के सामने सभी की बराबरी का उदाहरण है।
