‘कांग्रेस ने संविधान, राष्ट्रपति से लेकर सिखों तक का अपमान किया’, पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तीखा वार
नई दिल्ली, 5 फरवरी 2026: संसद के बजट सत्र के बीच आज राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब में करीब डेढ़ घंटे का लंबा और तीखा भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने मुख्य रूप से कांग्रेस पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर संविधान, राष्ट्रपति, आदिवासी समुदाय और खास तौर पर सिख समुदाय का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया।
विवाद की जड़: राहुल गांधी का ‘गद्दार’ बयान
सबसे बड़ा हमला उस घटना पर हुआ जो कल संसद परिसर में हुई थी। कांग्रेस के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू (जो सिख समुदाय से हैं और पहले कांग्रेस में थे, अब भाजपा में) को “माय ट्रेटर फ्रेंड” (मेरा गद्दार दोस्त) कहकर संबोधित किया था।
पीएम मोदी ने इसे बेहद गंभीर बताते हुए कहा:
“कांग्रेस के शातिर दिमाग वाले युवराज ने उन्हें गद्दार कह दिया। अहंकार सातवें आसमान पर पहुंच चुका है।”
“कांग्रेस छोड़कर कई लोग गए, कई टुकड़े हुए, लेकिन किसी को गद्दार नहीं कहा। लेकिन कल इस सांसद को गद्दार इसलिए कहा क्योंकि वो सिख थे। ये सिखों का अपमान है, गुरुओं का अपमान है।”
“रवनीत सिंह बिट्टू एक ऐसे परिवार से हैं जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिए। सिर्फ राजनीतिक विचारधारा बदलने से कोई गद्दार नहीं हो जाता। कांग्रेस में सिखों के प्रति कूट-कूट कर नफरत भरी पड़ी है।”
प्रधानमंत्री ने इसे कांग्रेस की पुरानी मानसिकता से जोड़ा और कहा कि ऐसी हरकतें पार्टी को डुबो देंगी।
संविधान और राष्ट्रपति का अपमान
पीएम मोदी ने लोकसभा में कल हुए हंगामे का भी जिक्र किया, जहां विपक्ष ने चर्चा बाधित की और राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया (या विपक्ष का दावा है कि उन्हें रोका गया)।
उन्होंने कहा:
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा बाधित होना संविधान का अपमान है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (जो आदिवासी पृष्ठभूमि से हैं) का अपमान हुआ, जो आदिवासियों और संविधान का अपमान है।
“जो लोग वोट बैंक की राजनीति करते हैं, वे संस्थाओं को मजबूत नहीं करते। कांग्रेस ने लोगों को समस्या मानकर देखा, हम लोगों को ताकत मानते हैं।”
विपक्ष के नारों पर कटाक्ष
विपक्ष के कुछ सांसदों द्वारा लगाए गए नारों “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” पर पीएम मोदी ने तंज कसा:
“नारे कितने भी लगा लो, कब्र नहीं खोद पाओगे। मेरे पास कवच है।”
“मोहब्बत की दुकान खोलने वाले मोदी की कब्र खोदने की बात करते हैं। ये नफरत उनके दिल में है।”
अन्य प्रमुख बातें
पीएम ने कांग्रेस की पुरानी नीतियों पर भी हमला बोला, जैसे बोफोर्स घोटाला, इंदिरा-नेहरू काल में लोगों को समस्या मानना।
असम और पूर्वोत्तर का अपमान, भूपेन हजारिका जैसे महान व्यक्तित्वों को नीचा दिखाने का आरोप।
कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने, कोई विजन न होने का आरोप लगाया।
पृष्ठभूमि में क्या चल रहा है?
यह पूरा विवाद बजट सत्र के दौरान बढ़े गतिरोध से जुड़ा है। विपक्ष राहुल गांधी को बोलने का मौका मांग रहा है (खासकर पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरावणे की अप्रकाशित किताब के हवाले से 2020 के चीन गतिरोध पर), जबकि सत्ता पक्ष इसे सदन के नियमों का उल्लंघन बता रहा है। कल लोकसभा में पीएम मोदी का जवाब टल गया था, आज राज्यसभा में दिया। विपक्ष ने कई बार वॉकआउट भी किया।
पीएम मोदी का यह भाषण संसद में जारी तनाव को और तेज करने वाला रहा, जहां दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सत्र के बाकी दिनों में क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
