उत्तराखंड

हरिद्वार में तीन दिवसीय भव्य आयोजन: ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की स्मृति में मूर्ति स्थापना समारोह, राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ, रामनाथ कोविंद सहित कई दिग्गज होंगे शामिल

हरिद्वार में तीन दिवसीय भव्य आयोजन: ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की स्मृति में मूर्ति स्थापना समारोह, राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ, रामनाथ कोविंद सहित कई दिग्गज होंगे शामिल

हरिद्वार, 3 फरवरी 2026: उत्तराखंड के हरिद्वार में भारत माता मंदिर के संस्थापक और पद्मविभूषित ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की स्मृति में तीन दिवसीय विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह 4 फरवरी से शुरू हो रहा है। इस भव्य कार्यक्रम में देश के शीर्ष राजनीतिक और धार्मिक हस्तियां शामिल होंगी, जिसमें केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और कई राज्यपाल व मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां (4 से 6 फरवरी)

4 फरवरी (शुभारंभ)

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की उपस्थिति में कार्यक्रम का उद्घाटन।

भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी।

शाम को भजन संध्या, जिसमें पद्मश्री नृत्यांगना शोवना नारायण और प्रसिद्ध भजन गायक सुजीत ओझा अपनी प्रस्तुति देंगे।

5 फरवरी (धर्मसभा और संत सम्मेलन)

देशभर के बड़े संत-महात्मा और धर्माचार्यों की मौजूदगी में धर्मसभा और संत सम्मेलन।

मुख्य अतिथि और वक्ता:

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान

जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा

उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव

आरएसएस सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार

शाम को भजन संध्या में बनारस घराने की गायिका सुनंदा शर्मा मधुर स्वर प्रस्तुत करेंगी।

6 फरवरी (मूर्ति स्थापना)

ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की समाधि पर उनकी विग्रह मूर्ति की स्थापना।

मुख्य अतिथि:

केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

हिमाचल प्रदेश राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी

इस अवसर पर समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसायटी के डॉ. अनुज सिंघल और डॉ. तारा सिंघल को संयुक्त रूप से सम्मानित किया जाएगा।

स्वामी सत्यमित्रानंद जी का विशेष महत्व

जूना पीठाधीश्वर एवं भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने बताया कि स्वामी सत्यमित्रानंद जी स्वामी विवेकानंद और शंकराचार्य के जीवन से प्रेरित होकर सनातन धर्म के प्रचार में लगे रहे। वे अकेले ऐसे संत थे जिन्होंने सनातन के प्रचार के लिए शंकराचार्य पद से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि शंकराचार्य को विदेश जाने की अनुमति नहीं होती। महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि ने कहा कि ऐसे महापुरुष के जीवन से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।

यह तीन दिवसीय कार्यक्रम उत्तरी हरिद्वार में आयोजित होगा और लाखों श्रद्धालुओं के साथ-साथ देशभर की दिग्गज हस्तियों की उपस्थिति से इसे विशेष महत्व मिलेगा। आयोजकों ने सभी से भारी संख्या में पहुंचने और कार्यक्रम में सहभागिता करने की अपील की है।

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