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कांगो की कोल्टन खदान में 200+ मौतें! स्मार्टफोन-लैपटॉप इंडस्ट्री हिल सकती है, जानिए क्यों

कांगो की कोल्टन खदान में 200+ मौतें! स्मार्टफोन-लैपटॉप इंडस्ट्री हिल सकती है, जानिए क्यों

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के पूर्वी प्रांत नॉर्थ किवु में रुबाया (Rubaya) की कोल्टन खदान में भयानक हादसा हुआ है। भारी बारिश से लैंडस्लाइड आने पर कई खदानें ढह गईं, जिसमें 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। रिबेल ग्रुप M23 के नियंत्रण वाली इस खदान में माइनर्स, बच्चे और बाजार की महिलाएं भी काम कर रही थीं। रिबेल अथॉरिटीज के मुताबिक, 227 तक मौतें कन्फर्म हो चुकी हैं, जबकि कई शव अभी कीचड़ में दबे हैं। करीब 20 घायल इलाजरत हैं।

यह हादसा बुधवार को हुआ, जब लगातार बारिश से मिट्टी धंस गई। रुबाया दुनिया की कोल्टन सप्लाई का करीब 15% प्रोड्यूस करता है। कोल्टन से निकलने वाला टैंटलम (Tantalum) स्मार्टफोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, एयरोस्पेस पार्ट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज में इस्तेमाल होता है। यह हीट-रेजिस्टेंट मेटल कैपेसिटर्स में जरूरी है, जो डिवाइसेज को स्टेबल रखता है।

DRC दुनिया का सबसे बड़ा कोल्टन और कोबाल्ट प्रोड्यूसर है, जहां आर्टिसनल माइनिंग (हाथ से खनन) आम है। ऐसे हादसे सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि कोल्टन का स्टॉक पहले से मौजूद है और कई कंपनियां अल्टरनेटिव सोर्स (जैसे ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील) से भी लेती हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर डिसरप्शन से कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य गैजेट्स की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ सकती है, जो कंज्यूमर्स पर असर डाल सकती है।

यह घटना DRC में माइनिंग की खतरनाक हालत और रिबेल कंट्रोल वाले इलाकों में मानवीय संकट को उजागर करती है। अंतरराष्ट्रीय संगठन पहले से ही कोल्टन-कोबाल्ट माइनिंग में चाइल्ड लेबर और असुरक्षा की शिकायत करते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हादसा ग्लोबल टेक इंडस्ट्री को जिम्मेदार सोर्सिंग पर और दबाव डालेगा। सरकारें और कंपनियां अब ट्रेसेबल और सेफ माइनिंग पर फोकस बढ़ा सकती हैं, लेकिन लंबे समय तक सप्लाई में उतार-चढ़ाव संभव है।

यह त्रासदी न केवल मानवीय नुकसान है, बल्कि हमारी रोजमर्रा की टेक्नोलॉजी पर निर्भर दुनिया के लिए एक बड़ा सबक भी।

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