जापान में ठंडी आफत! आओमोरी में 81 साल पुराना बर्फबारी रिकॉर्ड टूटा, 167 सेमी तक जमी बर्फ
जापान में ठंडी आफत! आओमोरी में 81 साल पुराना बर्फबारी रिकॉर्ड टूटा, 167 सेमी तक जमी बर्फ
जापान के उत्तरी इलाकों में जनवरी 2026 के अंत में भयंकर बर्फबारी ने इतिहास रच दिया। आओमोरी शहर में 31 जनवरी को बर्फ की मोटाई 167 सेंटीमीटर (लगभग 5.5 फीट) तक पहुंच गई, जो जनवरी महीने में 1945 के बाद सबसे ज्यादा है – यानी ठीक 81 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। यह पोस्ट-वॉर युग का सबसे बड़ा जनवरी स्नो डेप्थ रिकॉर्ड है।
आओमोरी, जो दुनिया के सबसे बर्फीले शहरों में शुमार है, इस बार ‘सी ऑफ जापान इफेक्ट’ के कारण असाधारण बर्फबारी का शिकार हुआ। ठंडी हवाएं जापान सागर से नमी लेकर आईं और पहाड़ों से टकराकर भारी बर्फ गिराई। 1 फरवरी तक बर्फ की मोटाई और बढ़कर 183 सेमी हो गई, जबकि पास के हक्कोडा पर्वतों में सुकायु ओनसेन इलाके में 463 सेमी (15 फीट से ज्यादा) बर्फ जमा हो गई।
इस भारी बर्फबारी ने उत्तरी जापान में तबाही मचाई। सड़कें बंद हो गईं, ट्रैफिक जाम लगा, कई जगहों पर लोग फंस गए। पूरे जापान में बर्फ से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 10-17 लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए। होक्काइडो के सप्पोरो और अन्य इलाकों में भी रिकॉर्ड स्तर की बर्फबारी दर्ज की गई, जहां 24 घंटे में 50-70 सेमी तक बर्फ गिरी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि शक्तिशाली कोल्ड वेव और जापान सागर से आने वाली नमी ने यह आफत मचाई। हालांकि आओमोरी बर्फबारी के लिए जाना जाता है, लेकिन इस स्तर की बर्फबारी स्थानीय मानकों से भी कहीं ज्यादा है। सरकार ने अलर्ट जारी किया है और लोगों से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
यह घटना जलवायु परिवर्तन और एक्सट्रीम वेदर पैटर्न्स की ओर इशारा करती है, जहां ऐसे रिकॉर्ड टूटना आम हो रहा है। जापान में सर्दियों की यह ठंडी आफत न केवल रिकॉर्ड तोड़ रही है, बल्कि जीवन को भी प्रभावित कर रही है।
