जम गया नियाग्रा फॉल्स! जहां दुनिया भर के टूरिस्ट आते हैं, वहां मौसम ने रचा वंडरलैंड
जम गया नियाग्रा फॉल्स! जहां दुनिया भर के टूरिस्ट आते हैं, वहां मौसम ने रचा वंडरलैंड
नियाग्रा फॉल्स, दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और शक्तिशाली झरनों में से एक, इन दिनों बर्फ की चादर ओढ़कर एक जादुई वंडरलैंड बन गया है। फरवरी 2026 की शुरुआत में आए रिकॉर्ड ठंड और पोलर वोर्टेक्स के कारण झरने आंशिक रूप से जम गए हैं। पानी अभी भी बह रहा है, लेकिन स्प्रे और मिस्ट तुरंत बर्फ बनकर जम जाती है, जिससे विशाल बर्फीले ढेर, आइस माउंड्स (40 फीट से ज्यादा मोटे) और चमकदार आइसिकल्स बन गए हैं। तापमान -20°C से नीचे और विंड चिल -55°C तक पहुंच गया, जिससे मिस्ट हवा में ही जम जाती है और पूरा इलाका बर्फ से ढक गया।
नियाग्रा फॉल्स स्टेट पार्क और नियाग्रा पार्क्स के मुताबिक, ‘आइस बूम’ (झील एरी से नियाग्रा रिवर में लगाई जाने वाली बर्फ रोकने वाली बैरियर) की वजह से झरने पूरी तरह कभी नहीं जम सकते। लेकिन इस बार एक्सट्रीम कोल्ड वेव ने इसे लगभग फ्रोजन जैसा बना दिया है। अमेरिकी और कनाडाई दोनों तरफ से टूरिस्ट बड़ी संख्या में आ रहे हैं, ठंड के बावजूद यह विंटर स्पेक्टेकल देखने। रॉयटर्स की तस्वीरों में दिखता है कि पर्यटक बर्फीले बोर्डवॉक, फ्रोजन ट्रीज और आइस-कवर्ड फॉल्स को देखकर मंत्रमुग्ध हैं। कई इसे “सुरियल आइस वंडरलैंड” कह रहे हैं।
यह घटना 1848 के बाद से दुर्लभ है, जब आइस जाम की वजह से पानी 30 घंटे के लिए रुक गया था। अब पानी बह रहा है, लेकिन सतह पर बर्फ और मिस्ट से ऐसा लगता है जैसे झरना ठहर गया हो। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पोलर वोर्टेक्स ने आर्कटिक एयर को नीचे धकेला, जिससे उत्तर अमेरिका में भयंकर ठंड पड़ी। यह जलवायु परिवर्तन से जुड़े एक्सट्रीम वेदर का एक और उदाहरण है।
टूरिस्ट्स के लिए सलाह: गर्म कपड़े पहनें, क्योंकि ठंड जानलेवा हो सकती है। लेकिन यह नजारा देखने लायक है – जहां रोजाना लाखों लीटर पानी गिरता है, वहां बर्फ ने जादू रच दिया। नियाग्रा अब सर्दियों का सबसे खूबसूरत चेहरा दिखा रहा है!
