राजनीति

SIR पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ TMC ने दायर की याचिका; चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप

SIR पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ TMC ने दायर की याचिका; चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्य में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। TMC ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दायर की है, जिसमें SIR को “मनमाना, असंवैधानिक और पक्षपातपूर्ण” बताया गया है।

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के 19 जनवरी के आदेश का उल्लंघन किया है, जिसमें 1.5 करोड़ मतदाताओं की “नो-मैपिंग” और “लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी” वाली सूची सार्वजनिक करने और उन्हें 10 दिन का समय देकर दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया था। TMC का दावा है कि आयोग ने कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर 7 फरवरी की डेडलाइन पर SIR पूरा करने की जल्दबाजी की है, जिससे लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है।

ममता बनर्जी ने SIR को “लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला” करार दिया और कहा कि यह प्रक्रिया बंगाल में अन्य राज्यों से अलग नियमों से चल रही है। उन्होंने 8,100 “अवैध” माइक्रो-ऑब्जर्वर्स की नियुक्ति पर सवाल उठाए, जिन्हें वे मतदाता डेटा में हेरफेर करने का आरोप लगा रही हैं। ममता ने CEC ज्ञानेश कुमार को कई पत्र लिखे (कम से कम 6), लेकिन कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि अगर जरूरी हुआ तो वे खुद कोर्ट में “सामान्य नागरिक” के रूप में पेश होकर याचिका लड़ेंगी।

TMC सांसद देरेक ओ’ब्रायन और अभिषेक बनर्जी ने भी याचिका का समर्थन किया। TMC का कहना है कि SIR से 140 से ज्यादा मौतें, कई सुसाइड अटेम्प्ट और स्वास्थ्य समस्याएं हुई हैं, जो “डर और तनाव” की वजह से हैं। आयोग पर “तानाशाही” और “राजनीतिक पक्षपात” का आरोप है, क्योंकि बंगाल में ही अलग नियम लागू किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका की सुनवाई 4 फरवरी को होने की संभावना है। चुनाव आयोग ने पहले TMC की आलोचना पर कहा था कि ममता के भड़काऊ बयानों से चुनाव प्रक्रिया बाधित हो रही है और अधिकारियों को धमकियां मिल रही हैं।

यह मामला 2026 विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ा रहा है, जहां TMC SIR को “मतदाता दमन” का हथियार बता रही है।

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