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बर्फ में भी नहीं पिघली वफादारी: हिमाचल के चंबा में पिटबुल ने 4 दिन तक मालिक के शव की रखवाली की, रेस्क्यू टीम भी रो पड़ी

बर्फ में भी नहीं पिघली वफादारी: हिमाचल के चंबा में पिटबुल ने 4 दिन तक मालिक के शव की रखवाली की, रेस्क्यू टीम भी रो पड़ी

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में एक ऐसी घटना घटी है, जिसने पूरे देश की आंखें नम कर दीं। भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड में दो युवकों की मौत हो गई, लेकिन उनके पालतू पिटबुल कुत्ते ने मालिक के शव के पास 4 दिन (करीब 96 घंटे) तक बिना खाना-पानी के पहरा दिया। कुत्ता न तो हिला, न कुछ खाया, और जंगली जानवरों से भी शव की रक्षा करता रहा।

क्या हुआ था?

23 जनवरी को विकसित राणा (19) और पीयूष कुमार (13) नामक दो युवक (भाई-चचेरे) भरमाणी माता मंदिर के पास ट्रेकिंग/वीडियो शूटिंग के लिए गए थे। अचानक भारी बर्फबारी और तूफान आ गया, दोनों हाइपोथर्मिया (extreme cold) से मृत्यु हो गई। उनके शव बर्फ की 3-4 फीट मोटी परत के नीचे दब गए।

चार दिन बाद (27 जनवरी) हेलीकॉप्टर और रेस्क्यू टीम (NDRF, स्थानीय पुलिस, वायुसेना) ने सर्च ऑपरेशन में शव बरामद किए। लेकिन वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था: पीयूष के शव के ठीक बगल में उनका पालतू पिटबुल बैठा था। कुत्ता ठंड से कांप रहा था, लेकिन जगह नहीं छोड़ी। जब रेस्क्यू टीम शव उठाने आई, तो कुत्ता पहले गुर्राया – उसे लगा अजनबी मालिक को नुकसान पहुंचा रहे हैं। टीम ने उसे शांत करने के बाद शव निकाला।

वीडियो और रेस्क्यू टीम की भावनाएं

वायरल वीडियो में कुत्ता शव के पास बैठा, बर्फ से ढका दिख रहा है। रेस्क्यू वाले भी इस वफादारी से भावुक हो गए – कई ने कहा कि “इंसान से ज्यादा वफादार कोई नहीं होता”। कुत्ता खुद भी कमजोर था, लेकिन जिंदा था। टीम ने उसे बचाया और अब उसकी देखभाल हो रही है।

कहानी क्यों छू गई दिल?

कुत्ते ने बर्फीले तूफान, sub-zero तापमान, भूख-प्यास और जंगली जानवरों का सामना किया, सिर्फ मालिक के साथ रहने के लिए। यह घटना कुत्तों की अमिट वफादारी का जीता-जागता सबूत है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

ऐसी कहानियां याद दिलाती हैं कि पालतू जानवर सिर्फ साथी नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा होते हैं। पीयूष के परिवार और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है, लेकिन कुत्ते की वफादारी ने सबको प्रेरित किया है।

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