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कार, केमिकल्स, मेडिकल प्रोडक्ट्स… ये चीजें होंगी सस्ती! भारत-EU में ऐतिहासिक FTA डील हो गई फाइनल – ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’

कार, केमिकल्स, मेडिकल प्रोडक्ट्स… ये चीजें होंगी सस्ती! भारत-EU में ऐतिहासिक FTA डील हो गई फाइनल – ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’

भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने आज ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लगा दी, जिसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और EU कमिशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने नई दिल्ली में 16वें भारत-EU समिट के दौरान इसकी घोषणा की। यह डील लगभग 20 साल की लंबी नेगोशिएशंस के बाद हुई, जो 2007 में शुरू हुई थीं और 2022 में फिर से तेज हुईं।

यह समझौता दुनिया के 25% GDP (करीब 2 अरब लोगों का बाजार) को कवर करता है। EU के सामान पर भारत में टैरिफ 96.6% से ज्यादा पर खत्म या बहुत कम हो जाएंगे, जिससे EU से आने वाले प्रोडक्ट्स भारतीयों के लिए सस्ते होंगे। EU का अनुमान है कि इससे उनके एक्सपोर्ट्स 2032 तक दोगुने हो जाएंगे, और सालाना €4 बिलियन (करीब ₹3,500 करोड़) की ड्यूटी बचत होगी।

कौन-कौन सी चीजें सस्ती होंगी?

कारें (ऑटोमोबाइल्स): EU की लग्जरी और प्रीमियम कारों (जैसे Mercedes, BMW, Volkswagen, Renault) पर टैरिफ 110% से घटकर 10% हो जाएगा (250,000 वाहनों की सालाना कोटा के साथ)। फेज में लागू होगा।

केमिकल्स: 22% तक के टैरिफ ज्यादातर खत्म – इंडस्ट्रियल केमिकल्स, प्लास्टिक्स आदि सस्ते।

मेडिकल प्रोडक्ट्स और फार्मास्यूटिकल्स: 11% तक के टैरिफ ज्यादातर खत्म – मेडिकल डिवाइसेस, पेसमेकर्स, दवाएं सस्ती।

मशीनरी और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट: 44% तक के टैरिफ ज्यादातर खत्म – इंडस्ट्रियल मशीनरी, एयरक्राफ्ट पार्ट्स सस्ते।

अन्य: चॉकलेट्स, वाइन (150% से घटकर 20-40%), बीयर, प्रोसेस्ड फूड (बिस्किट, पास्ता, पेट फूड), स्पिरिट्स आदि पर टैरिफ जीरो या बहुत कम।

भारत को क्या फायदा?

भारतीय एक्सपोर्ट्स (टेक्सटाइल्स, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिकल्स, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स) पर EU में टैरिफ कम या जीरो – एक्सपोर्ट्स में ₹6.4 लाख करोड़ तक की बढ़ोतरी का अनुमान।

लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स को बूस्ट, जहां EU से कॉम्पिटिशन कम है।

US के ट्रंप टैरिफ्स और ग्लोबल ट्रेड टेंशन के बीच यह डील भारत-EU के लिए “सुरक्षा” का काम करेगी।

कब लागू होगी?

फॉर्मल साइनिंग और लीगल वेटिंग (5-6 महीने) के बाद 2027 की शुरुआत में लागू हो सकती है।

कृषि (एग्रीकल्चर) को बाहर रखा गया है, जो भारत के लिए संवेदनशील था।

यह डील भारत की सबसे बड़ी ट्रेड ओपनिंग है, जो UK, EFTA और अन्य डील्स के साथ मिलकर भारत को ग्लोबल ट्रेड में मजबूत बनाएगी। PM मोदी ने इसे “दुनिया के दो सबसे बड़े डेमोक्रेटिक पावर्स” के बीच नया अध्याय बताया, जबकि वॉन डेर लेयेन ने कहा – “हमने इसे कर दिखाया!”

अगर आप कार, केमिकल्स या मेडिकल प्रोडक्ट्स में इंटरेस्टेड हैं, तो आने वाले सालों में कीमतें काफी घट सकती हैं।

 

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