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गणतंत्र दिवस परेड 2026: कर्तव्य पथ पर 97 मिनट तक चला भव्य कार्यक्रम, देशभक्ति के नजारे, झांकियों की थीम और हर डिटेल जानिए

गणतंत्र दिवस परेड 2026: कर्तव्य पथ पर 97 मिनट तक चला भव्य कार्यक्रम, देशभक्ति के नजारे, झांकियों की थीम और हर डिटेल जानिए

26 जनवरी 2026 को 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ (पूर्ववर्ती राजपथ) पर निकली भव्य परेड ने पूरे देश को गर्व से भर दिया। इस साल का कार्यक्रम करीब 97 मिनट तक चला, जिसमें सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता, आत्मनिर्भर भारत और वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ को खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया। सुबह 10:21 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ध्वजारोहण से शुरू हुआ कार्यक्रम दोपहर 12:00 बजे तक चला।

कार्यक्रम का समय और संरचना

कुल अवधि: लगभग 97 मिनट (10:21 AM से 12:00 PM तक)

मुख्य भाग:

राष्ट्रपति का ध्वजारोहण और राष्ट्रगान (5 मिनट)

राष्ट्रपति द्वारा परेड की सलामी (10 मिनट)

सैन्य मार्च पास्ट (करीब 35 मिनट)

झांकियों का प्रदर्शन (करीब 35 मिनट)

वायुसेना का फ्लाईपास्ट (8–10 मिनट)

राष्ट्रपति का संबोधन और समापन (5–7 मिनट)

सैन्य शक्ति का प्रदर्शन

इस साल परेड में 9,000 से अधिक सैनिकों ने हिस्सा लिया। मुख्य आकर्षण थे:

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की टुकड़ी (जिसने सबसे ज्यादा तालियां बटोरीं)

अग्नि-5, पृथ्वी, अस्त्र, नाग जैसी मिसाइलें

T-90 टैंक, K-9 वज्र होवित्जर, धनुष तोप

पहली बार भारतीय सेना के स्वदेशी कुत्ते (मुदहोल हाउंड) परेड में शामिल हुए

महिला सैनिकों की टुकड़ियां (मार्चिंग और झांकियों में)

झांकियों की संख्या और थीम

इस साल कुल 30 झांकियां निकलीं:

17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की

13 विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और संगठनों की

मुख्य थीम:

“वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ

“आत्मनिर्भर भारत – समृद्धि का मंत्र”

कुछ प्रमुख झांकियां और उनकी थीम (संक्षेप में)

असम – अशरिकंदी टेराकोटा क्राफ्ट विलेज (हस्तशिल्प विरासत)

छत्तीसगढ़ – वंदे मातरम्: स्वतंत्रता का मंत्र

गुजरात – आत्मनिर्भर भारत (स्वदेशी उत्पादन और विकास)

हरियाणा – हरियाणवी संस्कृति और खेल

हिमाचल प्रदेश – हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन

कर्नाटक – कर्नाटक की ऐतिहासिक धरोहर

केरल – साक्षरता और स्वास्थ्य मॉडल

मध्य प्रदेश – आदिवासी संस्कृति और पर्यटन

महाराष्ट्र – स्वतंत्रता संग्राम में महाराष्ट्र की भूमिका

ओडिशा – ओडिशा की हस्तकला और परंपरा

पंजाब – कृषि क्रांति और गुरु परंपरा

राजस्थान – राजपूताना शौर्य और पर्यटन

तमिलनाडु – समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत

उत्तर प्रदेश – बुंदेलखंड की संस्कृति और विकास

पश्चिम बंगाल – बंगाल स्वतंत्रता आंदोलन में

अंडमान-निकोबार – द्वीपों की सांस्कृतिक विविधता

लक्षद्वीप – समुद्री विरासत और पर्यटन

केंद्रीय झांकियां में शामिल थे: DRDO, ISRO, रेलवे, आयुष मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय आदि।

वायुसेना का फ्लाईपास्ट

राफेल, सुखोई-30 MKI, तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर और अपाचे हेलीकॉप्टरों ने शानदार फ्लाईपास्ट किया।

वंदे मातरम् लिखा हुआ फॉर्मेशन और तिरंगा बनाया गया।

राष्ट्रपति और पीएम का संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा: “संविधान हमारा सबसे बड़ा हथियार है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया: “यह गणतंत्र दिवस हमारी एकता, विविधता और आत्मनिर्भरता का उत्सव है।”

खास बातें

पहली बार स्वदेशी कुत्तों की टुकड़ी

महिला सैनिकों की संख्या में इजाफा

ब्रह्मोस मिसाइल ने सबसे ज्यादा तालियां बटोरीं

कोई बड़ा सुरक्षा हादसा नहीं हुआ – AI ग्लासेस और थर्मल स्कैनिंग ने काम किया

यह परेड भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक गौरव और आत्मनिर्भरता का शानदार प्रदर्शन था। क्या आपको किसी झांकी या हिस्से ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया? कमेंट में जरूर बताएं।

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