US के युद्धपोत पर बमबारी, F-35 लड़ाकू विमान ध्वस्त… समंदर में खून-ही-खून! ईरान ने जारी किया धमकी भरा पोस्टर
US के युद्धपोत पर बमबारी, F-35 लड़ाकू विमान ध्वस्त… समंदर में खून-ही-खून! ईरान ने जारी किया धमकी भरा पोस्टर
ईरान ने एक बार फिर अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के सोशल मीडिया अकाउंट्स और सरकारी मीडिया चैनलों पर एक धमकी भरा पोस्टर वायरल हो रहा है, जिसमें अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर मिसाइल हमले, F-35 लड़ाकू विमान को आग में जलते हुए और समंदर में खून फैलते हुए दिखाया गया है।
पोस्टर में क्या लिखा है?
पोस्टर पर अंग्रेजी और फारसी में लिखा है:
“अमेरिकी जहाजों पर हमारी मिसाइलें तैयार हैं।
अगर तुमने फिर से हमारी सीमा में कदम रखा, तो समंदर तुम्हारा कब्रिस्तान बनेगा।
खून-ही-खून… F-35 का अंत नजदीक है।
इंतजार करो – हमारी बारी आने वाली है।”
पोस्टर में शाहेद-136 ड्रोन, फतेह-110 बैलिस्टिक मिसाइल और हौथी-स्टाइल एंटी-शिप मिसाइल के ग्राफिक्स भी शामिल हैं। नीचे बड़ा-सा लिखा है:
“Persian Gulf is our home – your graveyard.”
बैकग्राउंड और ताजा घटनाक्रम
यह पोस्टर 25 जनवरी 2026 को जारी हुआ, ठीक उसी दिन जब अमेरिकी नौसेना ने पर्सियन गल्फ में USS Abraham Lincoln Carrier Strike Group की तैनाती बढ़ाई।
ईरान का दावा है कि अमेरिका इसराइल के साथ मिलकर ईरान पर हमले की तैयारी कर रहा है।
हाल ही में हौथी विद्रोहियों (ईरान समर्थित) ने लाल सागर में अमेरिकी जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिसके जवाब में अमेरिका ने हौथी ठिकानों पर बमबारी की।
ईरान ने इसे अपने खिलाफ अमेरिकी आक्रामकता बताया और कहा कि अब वह सीधे अमेरिकी जहाजों को निशाना बना सकता है।
सोशल मीडिया पर हंगामा
#PersianGulfGraveyard और #IranWarning ट्रेंड कर रहे हैं।
ईरानी यूजर्स इसे “शानदार जवाब” बता रहे हैं, जबकि अमेरिकी और इजरायली यूजर्स इसे “खोखली धमकी” कह रहे हैं।
कुछ यूजर्स ने पोस्टर को AI-जनरेटेड बताया, लेकिन IRGC के ऑफिशियल चैनलों से यह पोस्ट किया गया है, इसलिए इसे आधिकारिक माना जा रहा है।
अमेरिका-इजराइल का रिएक्शन
अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अमेरिकी नौसेना ने पर्सियन गल्फ और ओमान की खाड़ी में अपनी सतर्कता बढ़ा दी है।
इजराइल ने कहा है कि “ईरान की धमकियां नई नहीं हैं, लेकिन हम तैयार हैं।”
यह पोस्टर मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा रहा है, खासकर जब अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की वापसी के बाद ईरान पर सख्ती की उम्मीदें बढ़ी हैं। क्या यह सिर्फ प्रोपेगैंडा है या वाकई बड़ा हमला होने वाला है? स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
