बारिश की बूंदों पर भारी जवानों का जज्बा: कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल संपन्न
दिल्ली में आज कड़ाके की ठंड और फुहारों के बीच गणतंत्र दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल (Full Dress Rehearsal) संपन्न हुई। बारिश की बूंदें भी जवानों के कदमों की ताल को डिगा नहीं पाईं।
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नई दिल्ली: 26 जनवरी की परेड से पहले आज देश की राजधानी ने सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता की एक शानदार झलक देखी। सुबह से हो रही हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के बावजूद, कर्तव्य पथ पर जवानों का जोश सातवें आसमान पर नजर आया।
रिहर्सल की मुख्य झलकियां
* कदमताल और बैंड की गूँज: परेड की शुरुआत सुबह 10:30 बजे विजय चौक से हुई। सेना की अलग-अलग रेजिमेंटों ने जब बैंड की धुन पर कदमताल शुरू की, तो बारिश के बीच भी दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था।
* नारी शक्ति का प्रदर्शन: इस बार की रिहर्सल में भी महिला अग्निवीरों और विभिन्न सुरक्षा बलों की महिला टुकड़ियों ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया।
* राज्यों की झांकियां: रिहर्सल के दौरान विभिन्न राज्यों और मंत्रालयों की झांकियां भी निकाली गईं, जो भारत की समृद्ध विरासत और आधुनिक प्रगति को दर्शाती हैं।
* सुरक्षा के कड़े इंतजाम: फुल ड्रेस रिहर्सल के मद्देनजर पूरी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर कई रास्तों को डायवर्ट कर दिया था।
मौसम ने ली परीक्षा, जवानों ने दिया जवाब
आमतौर पर रिहर्सल के दौरान धूप खिली होती है, लेकिन आज आसमान में बादलों का डेरा था। भीगते हुए जवानों की वर्दी और उनके चमकते हथियारों ने यह संदेश दिया कि देश की रक्षा के लिए वे हर मौसम और हर परिस्थिति में तैयार हैं।
“बारिश हो या बर्फबारी, गणतंत्र दिवस की परेड हमारे लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के प्रति हमारे समर्पण का प्रतीक है।” — रिहर्सल देखने आए एक पूर्व सैन्य अधिकारी।
