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सरकार की बड़ी तैयारी: UPI और बैंकिंग ऐप्स में आएगा ‘फ्रीज’ या ‘किल स्विच’ बटन, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड पर लगेगा तुरंत ब्रेक

सरकार की बड़ी तैयारी: UPI और बैंकिंग ऐप्स में आएगा ‘फ्रीज’ या ‘किल स्विच’ बटन, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड पर लगेगा तुरंत ब्रेक

डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय (MHA) के तहत गठित हाई-लेवल इंटर-डिपार्टमेंटल कमिटी अब ‘किल स्विच’ या ‘फ्रीज बटन’ को UPI और मोबाइल बैंकिंग ऐप्स में शामिल करने पर विचार कर रही है। यह एक सिंगल इमरजेंसी बटन होगा, जिसे दबाते ही यूजर के सभी आउटगोइंग ट्रांजेक्शंस (UPI, नेट बैंकिंग, कार्ड पेमेंट्स) तुरंत फ्रीज हो जाएंगे—फ्रॉडस्टर्स को पैसे ट्रांसफर करने का मौका ही नहीं मिलेगा!

कैसे काम करेगा यह ‘किल स्विच’?

ऐप में एक स्पेशल ‘Emergency Freeze’ या ‘Kill Switch’ बटन होगा।

अगर कोई यूजर को डिजिटल अरेस्ट का कॉल आता है (पुलिस, CBI, ED या RBI के नाम पर धमकी), या कोई संदिग्ध फ्रॉड लगे, तो बस एक टैप से सभी बैंकिंग ऑपरेशंस ब्लॉक हो जाएंगे।

इससे लिंक्ड बैंक अकाउंट्स, क्रेडिट/डेबिट कार्ड्स, डिजिटल वॉलेट्स और UPI से पेमेंट्स तुरंत रुक जाएंगे।

फ्रीज होने के बाद यूजर को बैंक या पुलिस से संपर्क कर अनफ्रीज करवाना होगा, या कुछ समय बाद ऑटो अनफ्रीज हो सकता है।

यह फीचर NPCI, RBI और बैंकों के साथ मिलकर डेवलप किया जाएगा, ताकि फ्रॉड के पहले कुछ मिनटों में ही पैसे बचाए जा सकें।

क्यों उठ रहा यह कदम?

2024-25 में 23,879 फ्रॉड केस रिपोर्ट हुए, जिसमें ₹34,771 करोड़ का नुकसान हुआ (RBI डेटा)।

डिजिटल अरेस्ट स्कैम में फ्रॉडस्टर्स घंटों-दिनों तक वीडियो कॉल पर रखकर दबाव बनाते हैं, और पैसे UPI/RTGS से मंगवाते हैं।

कमिटी (दिसंबर 2025 में गठित) का मानना है कि यूजर को खुद रियल-टाइम प्रोटेक्शन मिलना चाहिए, क्योंकि मौजूदा हेल्पलाइन (1930) या रिपोर्टिंग में देरी हो जाती है।

अन्य प्रस्तावित उपाय

फ्रॉड इंश्योरेंस: बैंकिंग सिस्टम में फ्रॉड लॉस को कवर करने के लिए एक पूल बनाया जा सकता है (टेररिज्म इंश्योरेंस पूल की तरह)।

म्यूल अकाउंट्स की रीयल-टाइम ट्रैकिंग और ब्लॉकिंग।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स (Google, WhatsApp, Telegram) के साथ मीटिंग्स हो चुकी हैं, ताकि स्कैमर्स के अकाउंट्स जल्दी ब्लॉक हों।

विशेषज्ञों और अधिकारियों का कहना

एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “यूजर के ऐप में ‘किल स्विच’ होना चाहिए—एक बटन दबाते ही कोई ट्रांजेक्शन नहीं हो पाएगा।” यह फीचर डिजिटल अरेस्ट के चक्र को तोड़ सकता है, जहां फ्रॉडस्टर्स यूजर को मदद मांगने से रोकते हैं।

यह प्रस्ताव अभी चर्चा के दौर में है, लेकिन जल्द ही NPCI और RBI के साथ पायलट टेस्ट हो सकता है। डिजिटल इंडिया के दौर में सुरक्षा का यह नया हथियार आम आदमी को फ्रॉड से तुरंत बचाने का वादा कर रहा है—अब फ्रॉडस्टर्स की ‘डिजिटल अरेस्ट’ वाली चाल पर ब्रेक लगेगा!

अगर आपको कोई संदिग्ध कॉल आए, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें!

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