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संभल हिंसा का मास्टरमाइंड कौन? शारिक साठा पर कुर्की एक्शन, दुबई से साजिश रचने का आरोप!

संभल हिंसा का मास्टरमाइंड कौन? शारिक साठा पर कुर्की एक्शन, दुबई से साजिश रचने का आरोप!

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा का मास्टरमाइंड बताए जा रहे शारिक साठा (Shariq Satha) पर अब सख्त एक्शन चल रहा है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आज (21 जनवरी 2026) उनके घर और संपत्ति की कुर्की (attachment) की कार्रवाई पूरी कर ली है। यह कार्रवाई संभल के नखासा थाना क्षेत्र के दीपा सराय (Deepa Sarai) इलाके में की गई, जहां भारी पुलिस फोर्स तैनात थी।

कौन है शारिक साठा?

मोस्ट वांटेड गैंगस्टर: शारिक साठा संभल का मूल निवासी है, लेकिन पिछले कई सालों से फरार है। पुलिस के अनुसार, वह 2020 में फेक पासपोर्ट से भारत छोड़कर दुबई भाग गया था।

क्राइम हिस्ट्री: उसके खिलाफ कुल 69 मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें हत्या, आर्म्स एक्ट, चोरी (खासकर ऑटो लिफ्टिंग – 300+ कारें चुराने का आरोप), सोने की तस्करी और हथियार सप्लाई शामिल हैं।

संभल हिंसा में भूमिका: पुलिस और SIT (विशेष जांच टीम) की जांच में शारिक को हिंसा का प्रमुख साजिशकर्ता बताया गया है। आरोप हैं कि उसने दुबई से बैठकर:

हथियार सप्लाई किए (पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के 9 MM कारतूस मिले)।

भीड़ को भड़काया और ‘मस्जिद की हिफाजत’ के नाम पर उकसाया।

हिंसा को वित्तपोषित किया और अपने गुर्गों (जैसे मुल्ला अफरोज) को निर्देश दिए।

पाकिस्तान-ISI कनेक्शन का दावा: संभल एसपी केके बिश्नोई ने खुलासा किया कि हिंसा में पाकिस्तान समर्थित तत्वों की भूमिका संभव है, क्योंकि विदेशी हथियार और कारतूस मिले। कुछ स्थानीय युवकों के पाकिस्तान-अफगानिस्तान से लिंक भी सामने आए।

कुर्की एक्शन की डिटेल्स

कोर्ट ने 13 जनवरी 2026 को शारिक की चल-अचल संपत्तियों की कुर्की का वारंट जारी किया था।

आरोपी ने कोर्ट में पेश नहीं होने पर उसे प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया गया (धारा 84 BNSS के तहत)।

आज पुलिस ने उनके घर पर कुर्की प्रक्रिया पूरी की – इलाका छावनी में तब्दील रहा, भारी फोर्स तैनात।

कुर्की के बाद संपत्ति जब्त हो जाएगी, और आगे इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस को मजबूत किया जाएगा ताकि दुबई से गिरफ्तारी हो सके।

पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई हिंसा में शामिल लोगों पर दबाव बनाने और साजिश उजागर करने का हिस्सा है।

विवाद और प्रतिक्रिया

शारिक के परिवार ने आरोपों को झूठा बताया है। वहीं, विपक्ष (जैसे अखिलेश यादव) ने पहले पुलिस पर सवाल उठाए थे, लेकिन अब फोकस शारिक पर है। यह मामला संभल हिंसा के बाद से संवेदनशील बना हुआ है, जिसमें 4 मौतें और कई घायल हुए थे।

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