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IMF ने भारत के FY26 जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाकर 7.3% किया – 0.7% का बड़ा उछाल! जानें मुख्य वजहें और क्या होगा आगे

IMF ने भारत के FY26 जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाकर 7.3% किया – 0.7% का बड़ा उछाल! जानें मुख्य वजहें और क्या होगा आगे

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने 19 जनवरी 2026 को जारी World Economic Outlook Update में भारत के वित्त वर्ष 2025-26 (FY26, अप्रैल 2025 से मार्च 2026) के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 7.3% कर दिया है। यह पिछले अक्टूबर 2025 के अनुमान (6.6%) से 0.7 प्रतिशत पॉइंट का बड़ा उछाल है। IMF ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताया है, जबकि वैश्विक ग्रोथ 3.3% पर स्थिर रहने का अनुमान है।

मुख्य वजहें जिनसे अनुमान बेहतर हुआ:

तीसरी तिमाही (Q3) में बेहतर प्रदर्शन: Q3 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से ज्यादा मजबूती दिखाई। कॉर्पोरेट अर्निंग्स (कंपनियों की कमाई) मजबूत रही, जो ग्रोथ को बूस्ट दे रही हैं।

चौथी तिमाही में मजबूत मोमेंटम: Q4 (जनवरी-मार्च 2026) में भी तेज गति बनी हुई है। घरेलू मांग (डोमेस्टिक कंजम्पशन), सरकारी निवेश और प्राइवेट कैपिटल एक्सपेंडिचर में सुधार से यह संभव हुआ।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और NSO के अनुमानों से तालमेल: हाल ही में भारत सरकार की National Statistics Office (NSO) ने FY26 ग्रोथ को 7.4% अनुमानित किया था (पहले 6.3-6.8% था)। RBI ने भी ग्रोथ को 7.3% पर अपडेट किया। IMF ने इन रियल-टाइम डेटा को देखकर अनुमान बढ़ाया।

इन्फ्लेशन में कमी और स्थिरता: 2025 में खाद्य कीमतों में गिरावट से इन्फ्लेशन RBI के 2-6% टारगेट के करीब लौट रहा है। इससे मौद्रिक नीति (रेट कट) के लिए जगह बनी, जो ग्रोथ को सपोर्ट करेगी।

वैश्विक संदर्भ में रेजिलिएंस: वैश्विक ट्रेड टेंशन (US टैरिफ्स) और अनिश्चितता के बावजूद भारत की घरेलू मांग मजबूत बनी रही। AI और टेक सेक्टर में निवेश का कुछ फायदा भी मिला।

आगे क्या अनुमान?

FY27 और FY28 में ग्रोथ 6.4% पर मॉडरेट होने का अनुमान – क्योंकि साइक्लिकल और टेम्पररी फैक्टर्स (जैसे फ्रंट-लोडिंग, टैक्स कट्स का असर) कमजोर पड़ेंगे।

कैलेंडर ईयर 2026 में 6.3%, 2027 में 6.5% ग्रोथ।

भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनी रहेगी (US 2.4%, चीन 4.5%, यूरो एरिया 1.3%)।

वैश्विक संदर्भ:

IMF ने ग्लोबल ग्रोथ को 2026 के लिए 3.3% पर रखा (पहले 3.1% था), मुख्य रूप से US और चीन से। लेकिन US टैरिफ्स और ट्रेड अनिश्चितता से रिस्क नीचे की तरफ है। भारत जैसे उभरते बाजारों में घरेलू ताकत से यह प्रभाव कम होगा।

यह अपडेट भारत की आर्थिक मजबूती का बड़ा संकेत है – खासकर जब वैश्विक चुनौतियां हैं। क्या भारत 7%+ ग्रोथ का सफर जारी रख पाएगा? अर्थव्यवस्था पर नजर बनी रहेगी!

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