Friday, September 11, 2026
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अब बंगाल में बनेगा राम मंदिर: 100 करोड़ की लागत से शांतिपुर में ‘बंगाली राम’ का भव्य मंदिर! खासियतें और पूरी डिटेल्स

अब बंगाल में बनेगा राम मंदिर: 100 करोड़ की लागत से शांतिपुर में ‘बंगाली राम’ का भव्य मंदिर! खासियतें और पूरी डिटेल्स

पश्चिम बंगाल में राम भक्ति की नई लहर! नादिया जिले के शांतिपुर में श्री कृतिबास राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य राम मंदिर बनाने की घोषणा हुई है। यह मंदिर कृतिबास ओझा की 15वीं शताब्दी की बंगाली रामायण से प्रेरित ‘बंगाली राम’ थीम पर आधारित होगा। ट्रस्ट के अध्यक्ष (पूर्व तृणमूल विधायक और अब भाजपा में शामिल) अरिंदम भट्टाचार्य ने इसकी पुष्टि की है।

मुख्य खासियतें और डिटेल्स:

स्थान: नादिया जिले का शांतिपुर (हुगली नदी के किनारे, कृतिबास स्मारक के पास)। लगभग 3.5 एकड़ (या 15 बीघा) जमीन स्थानीय निवासियों लितन भट्टाचार्य और पूजा बनर्जी ने दान की है।

लागत: कुल ₹100 करोड़। निर्माण में राजस्थान के बंसी पहाड़पुर के पत्थरों का इस्तेमाल होगा।

डिजाइन और थीम:

बाहरी स्वरूप अयोध्या राम मंदिर से मिलता-जुलता होगा, लेकिन अंदर से एक मंजिला।

गर्भगृह में पूरा राम दरबार सजेगा, जिसमें ‘बंगाली राम’ की खास मूर्तियां होंगी (बंगाली संस्कृति और रामायण के स्थानीय प्रसंगों से प्रेरित)।

तीनों ओर टेराकोटा गलियारा – बंगाल की पारंपरिक कला पर आधारित, जहां कृतिबास रामायण के प्रसंग म्यूरल (भित्ति चित्र) के रूप में उकेरे जाएंगे।

साथ में कृतिबास कल्चरल सेंटर और डिजिटल हेरिटेज हब – रामायण की दुर्लभ पांडुलिपियों का संरक्षण और डिजिटल प्रदर्शन।

समयसीमा: निर्माण 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य। शिलान्यास खरमास के बाद (संभावित 14 जनवरी 2026 के बाद) और माघ पंचमी (कृतिबास जयंती) से शुरू होने की उम्मीद।

ट्रस्ट का दावा: यह पूरी तरह सांस्कृतिक और धार्मिक परियोजना है, न कि राजनीतिक। ट्रस्ट एक पंजीकृत धार्मिक और जनकल्याणकारी संस्था है, जो बंगाल की राम भक्ति परंपरा को मजबूत करेगी।

राजनीतिक संदर्भ:

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब बंगाल में मंदिर-मस्जिद की बहस चरम पर है – हाल ही में मुर्शिदाबाद में TMC MLA हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद बनाने के बयान के बाद BJP ने कई जगहों पर राम मंदिर की घोषणाएं कीं। लेकिन शांतिपुर प्रोजेक्ट को कृतिबास रामायण की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा गया है, जो बंगाल की अपनी पहचान है। 2026 विधानसभा चुनाव से पहले यह हिंदू वोटर्स को आकर्षित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

ट्रस्ट का कहना है कि यह मंदिर बंगाल की राम भक्ति को नई ऊंचाई देगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। क्या यह बंगाल में राम मंदिर आंदोलन की शुरुआत है? फैंस और भक्तों में उत्साह है!

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