मिलान-कोर्टिना 2026 विंटर ओलंपिक्स: स्पॉन्सरशिप से बढ़ रहा जलवायु संकट – एथलीट्स और वैज्ञानिकों की कड़ी आलोचना!
मिलान-कोर्टिना 2026 विंटर ओलंपिक्स: स्पॉन्सरशिप से बढ़ रहा जलवायु संकट – एथलीट्स और वैज्ञानिकों की कड़ी आलोचना!
मिलान और कोर्टिना डी’अम्पेज़ो (इटली) में होने वाले 2026 विंटर ओलंपिक्स (6-22 फरवरी 2026) पर पर्यावरणीय विवाद तेज हो गया है। हाल ही में जारी रिपोर्ट “Olympics Torched” (Scientists for Global Responsibility और New Weather Institute द्वारा) ने खुलासा किया है कि तीन प्रमुख स्पॉन्सरशिप डील्स से 1.3 मिलियन टन CO₂ उत्सर्जन होने की संभावना है, जो ओलंपिक्स के कुल उत्सर्जन (लगभग 9.3 लाख टन CO₂) से भी ज्यादा है। इससे कुल कार्बन फुटप्रिंट लगभग 2.5 गुना बढ़ सकता है।
मुख्य विवादित स्पॉन्सर्स और उनका प्रभाव:
Eni (इटली की ऑयल एंड गैस कंपनी): सबसे बड़ा योगदानकर्ता, फॉसिल फ्यूल से जुड़ी होने के कारण आलोचना का केंद्र। Eni की स्पॉन्सरशिप से ही आधे से ज्यादा अतिरिक्त उत्सर्जन होने का अनुमान।
Stellantis (कार निर्माता कंपनी): हाई-कार्बन इंडस्ट्री से जुड़ी।
ITA Airways (इटली की नेशनल एयरलाइन): एयर ट्रैवल से जुड़े उत्सर्जन बढ़ाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, ये स्पॉन्सरशिप्स विंटर स्पोर्ट्स के भविष्य के लिए खतरा हैं, क्योंकि जलवायु परिवर्तन से अल्प्स में बर्फ पिघल रही है। इटली में हाल के वर्षों में 265 स्की रिसॉर्ट्स बंद हो चुके हैं। ओलंपिक्स से होने वाले उत्सर्जन से अनुमानित 2.3 वर्ग किमी बर्फ और 14 मिलियन टन ग्लेशियर आइस खो सकता है – जो विंटर स्पोर्ट्स की नींव को ही कमजोर कर रहा है।
एथलीट्स की आवाज:
स्वीडिश क्रॉस-कंट्री स्कीयर Björn Sandström: “ओलंपिक्स हमेशा उत्सर्जन पैदा करेंगे, लेकिन फॉसिल फ्यूल स्पॉन्सरशिप से दुनिया को गलत संकेत मिलता है। यह विंटर स्पोर्ट्स के अस्तित्व को खतरे में डालता है।”
ग्रीनलैंडिक बायएथलीट Ukalew Slettermark: फॉसिल फ्यूल कंपनियों के साथ साझेदारी को “पूर्ण विरोधाभास” बताया, जो विंटर स्पोर्ट्स की वैधता को कमजोर करता है।
एथलीट्स और वैज्ञानिकों का गठबंधन ओलंपिक्स आयोजकों से इन स्पॉन्सर्स से संबंध तोड़ने की मांग कर रहा है। “Ski Fossil Free” पिटीशन और savethewintergames.com जैसी पहल चल रही हैं। Cool Down – Sport for Climate Action नेटवर्क फॉसिल फ्यूल कंपनियों की स्पोर्ट्स स्पॉन्सरशिप पर प्रतिबंध की मांग कर रहा है, जैसा कि पहले टोबैको स्पॉन्सरशिप पर हुआ था।
आयोजकों का पक्ष:
Fondazione Milano Cortina 2026 और IOC का दावा है कि वे सस्टेनेबल गेम्स आयोजित कर रहे हैं – ज्यादातर मौजूदा वेन्यूज का इस्तेमाल, रिन्यूएबल एनर्जी (Enel से), और CO₂ रिडक्शन पर फोकस। लेकिन आलोचक कहते हैं कि स्पॉन्सरशिप से मिलने वाला पैसा “ग्रीनवॉशिंग” है, क्योंकि ये कंपनियां जलवायु संकट की मुख्य वजह हैं।
अन्य चुनौतियां:
ओलंपिक्स सबसे ज्यादा फैले हुए (मिलान से कोर्टिना तक 400+ किमी)।
स्थानीय विरोध: ओवरटूरिज्म, पानी की लूट, और नई इंफ्रास्ट्रक्चर से पर्यावरण क्षति।
प्रोटेस्ट: ओपनिंग वीकेंड में मिलान में बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना।
यह विवाद विंटर ओलंपिक्स के भविष्य पर सवाल उठा रहा है – क्या स्पॉन्सरशिप मॉडल बदलना होगा, या जलवायु संकट से विंटर स्पोर्ट्स ही खत्म हो जाएंगे? फरवरी 2026 में गेम्स शुरू होने से पहले दबाव और बढ़ेगा।
