चीन कपल्स को बिना कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों के रिश्ते बनाने को बढ़ावा दे रहा है? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान!
चीन कपल्स को बिना कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों के रिश्ते बनाने को बढ़ावा दे रहा है? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान!
चीन अब अपनी जनसंख्या संकट से जूझते हुए एक ऐसा कदम उठा रहा है, जो पहले के ‘वन-चाइल्ड पॉलिसी’ से उलट है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन सरकार अप्रत्यक्ष रूप से युवा कपल्स को बिना कंडोम या गर्भनिरोधक गोलियों के यौन संबंध बनाने के लिए प्रेरित कर रही है। लेकिन यह कोई सीधा प्रचार नहीं, बल्कि 1 जनवरी 2026 से कंडोम, बर्थ कंट्रोल पिल्स और अन्य गर्भनिरोधक साधनों पर 13% वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) लगाने का फैसला है। इससे ये चीजें महंगी हो गई हैं, जिसका मकसद जन्म दर बढ़ाना है।
क्यों लिया गया ये फैसला?
चीन की जनसंख्या तेजी से घट रही है – 2024 में सिर्फ 9.54 मिलियन बच्चे पैदा हुए, जो 10 साल पहले के आधे से भी कम है। प्रजनन दर (fertility rate) घटकर 1.0 बच्चे प्रति महिला रह गई है, जो दुनिया में सबसे कम में से एक है। ‘वन-चाइल्ड पॉलिसी’ (1980-2015) के बाद दो-बच्चा और तीन-बच्चा नीति आई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब देश बूढ़ा हो रहा है – 60+ उम्र की आबादी 20% से ज्यादा है, और युवा कम हो रहे हैं। इससे अर्थव्यवस्था, वर्कफोर्स और पेंशन सिस्टम पर भारी दबाव पड़ रहा है।
सरकार ने सोचा कि गर्भनिरोधक साधनों को महंगा करने से लोग कम इस्तेमाल करेंगे, जिससे अनचाहे गर्भ (unplanned pregnancies) बढ़ेंगे और जन्म दर में इजाफा होगा। विशेषज्ञ इसे ‘प्रोनेटलिस्ट पॉलिसी’ का सिंबॉलिक कदम बता रहे हैं – यानी बच्चे पैदा करने को बढ़ावा। लेकिन ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम बेकार साबित होगा, क्योंकि:
कंडोम का पैकेट महंगा होने से सिर्फ 5-20 युआन (करीब 50-200 रुपये) ज्यादा खर्च होता है – बच्चा पालने की लागत (स्कूल, हाउसिंग, जॉब अनिश्चितता) के सामने यह कुछ भी नहीं।
युवा कपल्स बच्चे इसलिए नहीं पैदा कर रहे क्योंकि महंगाई, जॉब सिक्योरिटी, हाउसिंग क्राइसिस और वर्क-लाइफ बैलेंस की समस्या है।
क्या खतरे हैं?
अनचाहे गर्भ और अबॉर्शन बढ़ सकते हैं – पहले से ही चीन में अनचाहे प्रेग्नेंसी की दर ज्यादा है।
HIV और STDs का खतरा – कंडोम इस्तेमाल कम होने से सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन बढ़ सकते हैं। चीन में HIV केस पहले से बढ़ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लोग मजाक उड़ा रहे हैं – “कंडोम महंगा होने से बच्चे नहीं, बल्कि एचआईवी बढ़ेगा” जैसी टिप्पणियां वायरल हैं।
चीन की पिछली कोशिशें और अब क्या?
पहले फ्री कंडोम और बर्थ कंट्रोल दिए जाते थे, लेकिन अब टैक्स लगाकर उलटा कर दिया। साथ ही चाइल्डकेयर सब्सिडी, फ्री किंडरगार्टन और हॉस्पिटल डिलीवरी फ्री करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि असली समस्या आर्थिक और सामाजिक है – जब तक युवाओं को कॉन्फिडेंस नहीं मिलेगा कि बच्चा पाल पाएंगे, तब तक जन्म दर नहीं बढ़ेगी।
क्या ये ‘कंडोम टैक्स’ चीन की जनसंख्या समस्या हल कर पाएगा? या सिर्फ एक सिंबॉलिक कदम है? कमेंट में अपनी राय बताएं!
