अन्तर्राष्ट्रीय

गाजा में सीजफायर लाइन पार करने पर इजरायल ने 62 फिलिस्तीनियों की हत्या: अस्पष्ट ‘येलो लाइन’ में घुसते ही मारी गोली, मौतों का आंकड़ा बढ़कर 77

गाजा में सीजफायर लाइन पार करने पर इजरायल ने 62 फिलिस्तीनियों की हत्या: अस्पष्ट ‘येलो लाइन’ में घुसते ही मारी गोली, मौतों का आंकड़ा बढ़कर 77

गाजा पट्टी में अक्टूबर 2025 के सीजफायर समझौते के बाद भी हिंसा थम नहीं रही है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सीजफायर लागू होने के बाद अब तक कम से कम 447 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें से कम से कम 77 इजरायली सैनिकों की गोलीबारी से मारे गए, और इनमें से 62 ऐसे थे जो “येलो लाइन” (Yellow Line) को पार करने या उसके पास रुकने की कोशिश में मारे गए। यह लाइन इजरायल की सेना द्वारा सीजफायर के तहत वापसी के बाद बनाई गई अस्थायी विभाजक रेखा है, जो कई जगहों पर अदृश्य या अस्पष्ट है।

‘येलो लाइन’ क्या है और क्यों विवादास्पद?

अक्टूबर 2025 के सीजफायर समझौते के तहत इजरायल ने गाजा से अपनी सेना को एक बफर जोन तक पीछे खींचा, जिसमें गाजा का अधिकांश कृषि योग्य भूमि, ऊंचे इलाके और सभी बॉर्डर क्रॉसिंग शामिल हैं।

इस जोन की सीमा को “येलो लाइन” कहा जाता है, जहां कुछ जगहों पर पीले बैरल और कंक्रीट बैरियर लगाए गए हैं, लेकिन कई इलाकों में यह बिल्कुल अनमार्क्ड (बिना निशान) है।

फिलिस्तीनियों और मैपिंग एक्सपर्ट्स का आरोप है कि इजरायल ने इस लाइन को समझौते से तय जगह से लगभग आधा किलोमीटर (0.3 मील) गहराई में खींच लिया है, जिससे इजरायल नियंत्रित क्षेत्र बढ़ गया है।

गाजा सिटी के निवासी अहमद अबू जहांल ने कहा, “हम बैरल से दूर रहते हैं। कोई भी उनके पास जाने की हिम्मत नहीं करता।” उनके घर से बैरल सिर्फ 100 मीटर दूर हैं, जबकि समझौते के मैप में 500 मीटर दूर होने चाहिए थे।

मौतों का पैटर्न

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ये 62 मौतें लाइन पार करने या उसके पास रुकने पर गोलीबारी से हुईं। इनमें किशोर और छोटे बच्चे भी शामिल हैं।

इजरायल की सेना ने अब तक इस लाइन के आसपास 57 मौतों की पुष्टि की है और दावा किया है कि ज्यादातर “मिलिटेंट” थे, और वे नियमों के अनुसार कार्रवाई कर रहे हैं।

फिलिस्तीनी पक्ष का कहना है कि लोग भोजन, पानी या अपने घरों के अवशेषों की तलाश में लाइन के पास जाते हैं, लेकिन अस्पष्ट सीमा के कारण वे अनजाने में पार कर जाते हैं और गोली मार दी जाती है।

सीजफायर के बावजूद इजरायली सेना ने कई जगहों पर डेमोलिशन जारी रखा है, जैसे रफाह और गाजा सिटी के टफ्फाह इलाके में, जहां सैटेलाइट इमेज से दिखता है कि डेमोलिशन लाइन से बाहर भी हुआ है।

फिलिस्तीनी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

फिलिस्तीनी निवासी इस लाइन के पास डर में जी रहे हैं और कहते हैं कि युद्ध कभी खत्म नहीं हुआ। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय और मानवाधिकार संगठन इसे “लाइफ एंड डेथ की लाइन” बता रहे हैं। इजरायल का कहना है कि वे मिलिटेंट ग्रुप्स को रोकने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं और लाइन की जानकारी फिलिस्तीनियों को देते हैं।

यह घटना सीजफायर की नाजुकता को दर्शाती है, जहां छोटी-छोटी गलतफहमियां या अस्पष्टता जानलेवा साबित हो रही है। क्या यह सीजफायर टिक पाएगा? कमेंट में अपनी राय बताएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *