उत्तरकाशी: गंगोरी में कृषि मंत्री गणेश जोशी को काले झंडे दिखाकर किया विरोध, कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने किया बल प्रयोग
उत्तरकाशी: गंगोरी में कृषि मंत्री गणेश जोशी को काले झंडे दिखाकर किया विरोध, कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने किया बल प्रयोग
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गंगोरी पुल के समीप कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री गणेश जोशी के दौरे के दौरान भारी विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मंत्री को काले झंडे दिखाए और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस को प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं रुके और हंगामा जारी रहा।
विरोध का मुख्य कारण
कांग्रेसियों का आरोप है कि उत्तरकाशी जनपद में हाल ही में धराली (हर्षिल क्षेत्र) में आई भीषण प्राकृतिक आपदा (खीरगंगा में सैलाब और मलबे से गांव तबाह) के दौरान मंत्री गणेश जोशी एक बार भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने नहीं पहुंचे। आपदा में कई लोगों की मौत हुई, घर-जमीन तबाह हुए और रेस्क्यू ऑपरेशन चला, लेकिन मंत्री मेलों और अन्य कार्यक्रमों में शिरकत करने पहुंच रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे ‘जनता की अनदेखी’ और ‘सरकार की असंवेदनशीलता’ बताया।
शनिवार को गंगोरी पुल के पास एकत्रित हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘गणेश जोशी इस्तीफा दो’, ‘सरकार जनविरोधी है’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता मंत्री के काफिले के करीब पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। फिर भी नारेबाजी और विरोध थमा नहीं।
मंत्री गणेश जोशी का पक्ष
मंत्री गणेश जोशी (मसूरी विधायक) उत्तराखंड कैबिनेट में कृषि, ग्रामीण विकास और सैनिक कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभालते हैं। वे पहले भी आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में सक्रिय रहे हैं, लेकिन इस घटना पर उनकी ओर से कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। प्रशासन का कहना है कि मंत्री का दौरा स्थानीय कार्यक्रम से जुड़ा था और विरोध शांतिपूर्ण तरीके से संभाला गया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह घटना उत्तराखंड में बीजेपी सरकार के खिलाफ कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। कांग्रेस नेता इसे ‘जनाक्रोश’ का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि बीजेपी इसे ‘राजनीतिक स्टंट’ करार दे सकती है। उत्तरकाशी जैसे संवेदनशील पहाड़ी जिले में आपदा प्रबंधन, सड़कें और कृषि सब्सिडी जैसे मुद्दे पहले से ही गर्म हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आपदा के बाद राहत और पुनर्वास में देरी हो रही है, जिससे असंतोष बढ़ा है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा और कोई बड़ी हिंसा नहीं हुई। फिलहाल गंगोरी में तनाव बना हुआ है, और आने वाले दिनों में विरोध बढ़ सकता है। देवभूमि उत्तराखंड में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं!
