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मणिकर्णिका घाट विवाद के बीच CM योगी पहुंचे काशी, काल भैरव मंदिर में की पूजा – घाट नहीं गए, सर्किट हाउस में मीटिंग

मणिकर्णिका घाट विवाद के बीच CM योगी पहुंचे काशी, काल भैरव मंदिर में की पूजा – घाट नहीं गए, सर्किट हाउस में मीटिंग

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट (महाश्मशान) पर पुनर्विकास कार्य के दौरान बुलडोजर एक्शन से जुड़े विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार (17 जनवरी 2026) को अचानक काशी पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले बाबा काल भैरव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की, जहां काशी के कोतवाल माने जाने वाले भगवान काल भैरव के दर्शन किए और प्रदेश की सुरक्षा-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वे काशी विश्वनाथ मंदिर भी गए, लेकिन विवादित मणिकर्णिका घाट का दौरा रद्द कर दिया। शाम को सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की और प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति स्पष्ट की।

घटना का पूरा ब्योरा:

विवाद की शुरुआत: पिछले 6-7 दिनों से मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास (redevelopment) प्रोजेक्ट में बुलडोजर से प्राचीन मणि (चबूतरा) ढहाए जाने का वीडियो वायरल हुआ। इसमें अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति और अन्य कलाकृतियां टूटती दिखीं, जिससे पाल समाज, स्थानीय लोग और विपक्ष (कांग्रेस, सपा) में आक्रोश फैला। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी और यूपी कांग्रेस ने इसे “विरासत का विनाश” बताया, “सौंदर्यीकरण के नाम पर इतिहास मिटाने” का आरोप लगाया।

प्रशासन का पक्ष: वाराणसी DM सत्येंद्र कुमार, मेयर, विधायक नीलकंठ तिवारी और मंत्री एके शर्मा ने सफाई दी कि कोई मंदिर या मूर्ति क्षतिग्रस्त नहीं हुई। वायरल वीडियो AI जनरेटेड या भ्रामक है। मिली मूर्तियां (अहिल्याबाई होल्कर सहित) संस्कृति विभाग ने सुरक्षित रखी हैं और पुनर्निर्माण के बाद उसी स्थान पर विधि-विधान से स्थापित की जाएंगी। प्रोजेक्ट में शौचालय, हरित क्षेत्र, प्रदूषण रहित चिमनी, शवदाह प्लेटफॉर्म आदि बन रहे हैं – घाट को मजबूत और सुंदर बनाने के लिए।

CM योगी का दौरा: चंदौली में कार्यक्रम के बाद अचानक वाराणसी पहुंचे। काल भैरव मंदिर में पूजा की, हर-हर महादेव के जयकारे गूंजे। घाट जाने का प्लान था लेकिन रद्द कर दिया। सर्किट हाउस में मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा: “काशी को बदनाम करने की साजिश हुई। 2014 से पहले गंगा में स्नान तक नहीं हो पाता था, आज घाट सुंदर हैं। विकास में बैरियर बनने वाले लोग झूठ फैला रहे हैं। कोई मूर्ति नहीं टूटी, सब सुरक्षित है।”

वर्तमान स्थिति: घाट पर पुलिस फोर्स तैनात, विरोध प्रदर्शन नियंत्रित। अहिल्याबाई होल्कर ट्रस्ट और परिवार ने भी विकास का समर्थन किया, कहा कि “संवेदनशील तरीके से काम हो रहा है”। विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहा है, जबकि सरकार इसे “आवश्यक सुधार” बता रही है।

यह विवाद काशी की विरासत vs विकास की बहस को फिर से गरमा रहा है। मणिकर्णिका घाट हिंदुओं का सबसे पवित्र महाश्मशान है, जहां मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है। काम जारी है, लेकिन भावनाओं का सम्मान जरूरी है।

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