बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या, BNP नेता ने कार कुचला
बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या, BNP नेता ने कार कुचला
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा का सिलसिला जारी है। ताजा मामला राजबाड़ी जिले के सदर उपजिला से सामने आया है, जहां 30 वर्षीय हिंदू युवक रिपन साहा (पिता: पवित्र साहा) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। रिपन ‘करीम फिलिंग स्टेशन’ (पेट्रोल पंप) पर कर्मचारी थे। आरोप है कि बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) के स्थानीय नेता अबुल हाशेम सुजोन (राजबाड़ी पूर्व कोषाध्यक्ष) ने अपनी कार से जानबूझकर रिपन को कुचल दिया।
घटना शुक्रवार (16 जनवरी) की भोर में गोयालंद मोड़ इलाके में हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, रिपन ने पेट्रोल भरने आए ग्राहक से ईंधन का बकाया मांगा था। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने गाड़ी तेज रफ्तार से चढ़ाई दी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि गाड़ी ने रिपन को सामने देखते हुए भी कुचला, जिससे उसका सिर और चेहरा बुरी तरह कुचल गया और मौके पर ही मौत हो गई। शव ढाका-खुलना हाईवे पर लहूलुहान पड़ा मिला।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी:
– राजबाड़ी सदर थाना प्रभारी खोंडकर जियाउर रहमान ने पुष्टि की कि यह कोई सड़क हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है।
– पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कार जब्त कर ली।
– वाहन मालिक अबुल हाशेम (BNP नेता) और चालक कमाल हुसैन को गिरफ्तार किया गया।
– मामला दर्ज कर जांच जारी है।
यह घटना बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों की श्रृंखला में नवीनतम है। हाल के महीनों में कई हिंदू युवकों की हत्याएं हुई हैं, जैसे:
– जनवरी 2026 में समीर दास (ऑटो ड्राइवर, चाकू मारकर हत्या)।
– दिसंबर 2025 में दीपू चंद्र दास (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर जलाया)।
– अधिकार समूह RRAG के अनुसार, दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 तक कम से कम 15 हिंदू अल्पसंख्यकों की हत्या हुई।
प्रतिक्रियाएं:
– सोशल मीडिया पर #HinduPersecution और #BangladeshHindu ट्रेंड कर रहे हैं, जहां लोग इसे “लगातार नरसंहार” बता रहे हैं।
– भारत सरकार और MEA ने पहले भी ऐसे मामलों पर चिंता जताई है, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर जोर दिया है।
– अंतरिम सरकार (मोहम्मद यूनुस) ने ऐसे मामलों को “डिसइन्फॉर्मेशन” या छोटी घटनाएं बताकर खारिज करने की कोशिश की है, लेकिन आलोचना बढ़ रही है।
– BNP नेता अबुल हाशेम पर राजनीतिक संरक्षण का आरोप लग रहे हैं, जबकि पार्टी ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
यह घटना भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी असर डाल रही है, जहां पहले से ही तनाव है। हिंदू समुदाय में डर का माहौल है, और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। जांच के नतीजे आने बाकी हैं, लेकिन अल्पसंख्यक सुरक्षा पर सवाल गहरा गए हैं।
