उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड का कहर! मैदानों में कोहरा तो पहाड़ों में पाला, मसूरी में दिन की धूप और रात की ठिठुरन
उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड का कहर! मैदानों में कोहरा तो पहाड़ों में पाला, मसूरी में दिन की धूप और रात की ठिठुरन
उत्तराखंड में शीतलहर और सूखी ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में रातों में पाला जम रहा है, जिससे सड़कों पर फिसलन और हादसों का खतरा बढ़ गया है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव (बोनफायर) का सहारा ले रहे हैं, और सुबह-शाम कड़ाके की ठंड से ठिठुर रहे हैं।
मसूरी में मौसम का दोहरा रुख
पहाड़ों की रानी मसूरी में इन दिनों मौसम खुशनुमा लेकिन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
दिन का समय: हल्की गुनगुनी धूप निकल रही है, साफ आसमान और नीला आसमान पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। पर्यटक मॉल रोड, कैमल्स बैक रोड और लाल टिब्बा पर घूमकर सूरज का लुत्फ उठा रहे हैं।
सुबह और शाम: तापमान में भारी गिरावट, रात का न्यूनतम तापमान -1°C से -5°C तक पहुंच रहा है। बारिश न होने से ठंड का असर और बढ़ गया है, और जमकर बर्फनुमा पाला गिर रहा है।
यह सूखा मौसम (Dry spell) जनजीवन, सेहत और खेती के लिए खतरा बनता जा रहा है। IMD के अनुसार, जनवरी में मसूरी का औसत अधिकतम तापमान 10-12°C और न्यूनतम -3 से 3°C के आसपास रह रहा है।
ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा
प्लेन और पहाड़ दोनों जगह लोग अलाव जलाकर खुद को गर्म रख रहे हैं। यहां कुछ ऐसी तस्वीरें जहां लोग ठंड में अलाव के इर्द-गिर्द बैठे हैं:
सड़कों पर पाला का खतरा
IMD का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक शुष्क मौसम बना रहेगा, बारिश या बर्फबारी की संभावना कम है। पहाड़ों में ग्राउंड फ्रॉस्ट जारी रहेगा, और मैदानों में कोहरा।
सावधानियां:
गर्म कपड़े पहनें, अलाव के पास सावधानी बरतें।
सड़कों पर ड्राइविंग करते समय सतर्क रहें, फिसलन से हादसे हो सकते हैं।
पर्यटकों को मसूरी आने पर हैवी वूलेंस साथ रखने की सलाह।
उत्तराखंड की यह ठंड खूबसूरत तो है, लेकिन सावधानी जरूरी है!
