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सर्विस चार्ज रूल: क्या आपके बिल में भी जबरन जोड़ रहे हैं रेस्टोरेंट? जानिए अपने हक और लेटेस्ट नियम!

सर्विस चार्ज रूल: क्या आपके बिल में भी जबरन जोड़ रहे हैं रेस्टोरेंट? जानिए अपने हक और लेटेस्ट नियम!

बाहर खाना खाने के बाद बिल देखकर अक्सर हैरानी होती है – “ये सर्विस चार्ज क्या है?” और “क्या ये अनिवार्य है?” अच्छी खबर ये है कि नहीं, सर्विस चार्ज बिल्कुल अनिवार्य नहीं है! केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के नियमों और दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के मुताबिक, रेस्टोरेंट आपके बिल में ऑटोमैटिक या जबरन सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते। ये पूरी तरह वॉलंटरी (स्वैच्छिक) है – आप चाहें तो दें, न दें तो नहीं!

लेटेस्ट अपडेट: CCPA ने 27 रेस्टोरेंट्स पर लगाया जुर्माना!

10 जनवरी 2026 को CCPA ने देशभर के 27 रेस्टोरेंट्स पर सुओ मोटू एक्शन लिया, क्योंकि वे बिल में 10% सर्विस चार्ज डिफॉल्ट रूप से जोड़ रहे थे।

जुर्माना: ₹30,000 से ₹50,000 तक (प्रति रेस्टोरेंट)

ऑर्डर: ग्राहकों को सर्विस चार्ज रिफंड करना, प्रैक्टिस तुरंत बंद करना, और बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव करना

उदाहरण: पटना के Café Blue Bottle पर ₹30,000 जुर्माना + फुल रिफंड, मुंबई के China Gate Restaurant पर ₹50,000 जुर्माना

ये कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के 28 मार्च 2025 के फैसले पर आधारित है, जिसमें कोर्ट ने CCPA के 2022 गाइडलाइंस को पूरी तरह वैध ठहराया। कोर्ट ने साफ कहा: “सर्विस चार्ज या टिप ग्राहक की मर्जी से है, इसे अनिवार्य बनाना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है!”

CCPA के मुख्य नियम (जुलाई 2022 से लागू, 2025-2026 में और सख्त)

ऑटोमैटिक सर्विस चार्ज नहीं: बिल में डिफॉल्ट रूप से नहीं जोड़ा जा सकता।

किसी अन्य नाम से नहीं: जैसे ‘स्टाफ वेलफेयर’, ‘ग्रेच्युटी’ आदि – ये भी जबरन नहीं।

वॉलंटरी और ऑप्शनल: रेस्टोरेंट को स्पष्ट बताना होगा कि ये वैकल्पिक है।

एंट्री या सर्विस डिनाई नहीं: सर्विस चार्ज न देने पर आपको बैठने या सर्विस देने से मना नहीं कर सकते।

जीएसटी का खेल नहीं: सर्विस चार्ज को बिल में जोड़कर उस पर जीएसटी नहीं लगाया जा सकता।

टिप अलग: असली टिप (स्टाफ को डायरेक्ट) अलग है – वो आपकी मर्जी से।

अगर आपके साथ ऐसा हुआ तो क्या करें? (आपके हक की बात!)

बिल पर आपत्ति जताएं: तुरंत वेटर/मैनेजर से कहें – “सर्विस चार्ज हटाओ, ये अनिवार्य नहीं है।” ज्यादातर मामलों में वे हटा देते हैं।

रिफंड मांगें: अगर पहले ही पेमेंट हो गया, तो रिफंड मांगें।

शिकायत करें:

नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन: 1915 या 1800-11-4000 पर कॉल करें।

ऑनलाइन: e-Daakhil पोर्टल (edaakhil.nic.in) पर कंप्लेंट फाइल करें।

ईमेल: com-ccpa@nic.in पर भेजें।

कंज्यूमर फोरम: लोकल डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन में केस फाइल करें (फ्री या कम फीस में)।

CCPA अब हर कंप्लेंट पर सख्त एक्शन ले रही है, और ये ट्रेंडिंग न्यूज बन चुकी है। अगली बार रेस्टोरेंट जाएं तो बिल चेक जरूर करें – आपका हक है कि सर्विस चार्ज आपकी मर्जी से ही लगे!

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