ओवैसी vs हिमंता: ‘हिजाब पहनी महिला PM’ बयान पर सियासी जंग तेज, ओवैसी ने सरमा को ‘ट्यूबलाइट’ और ‘पाकिस्तान की जहनियत’ वाला बताया!
ओवैसी vs हिमंता: ‘हिजाब पहनी महिला PM’ बयान पर सियासी जंग तेज, ओवैसी ने सरमा को ‘ट्यूबलाइट’ और ‘पाकिस्तान की जहनियत’ वाला बताया!
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के ‘हिजाब पहनी महिला प्रधानमंत्री बनने’ वाले बयान ने देश में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू ही बनेगा। अब ओवैसी ने सरमा पर जोरदार हमला बोलते हुए उन्हें ‘दिमाग में ट्यूबलाइट’ वाला बताया और आरोप लगाया कि वे ‘पाकिस्तान की जहनियत’ रखते हैं, क्योंकि पाकिस्तान के संविधान में प्रधानमंत्री पद एक ही समुदाय तक सीमित है। ओवैसी ने बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान का हवाला देकर सरमा की आलोचना की।
विवाद की शुरुआत
ये सारा ड्रामा शुरू हुआ 9 जनवरी को, जब ओवैसी महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी रैली में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, “बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान कहता है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है। मेरा सपना है कि एक दिन हिजाब पहनी हुई बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी।” ओवैसी ने पाकिस्तान के संविधान से तुलना की, जहां प्रधानमंत्री पद केवल एक धर्म के व्यक्ति तक सीमित है, जबकि भारत का संविधान सबको बराबर मौका देता है।
इस बयान पर असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने 10 जनवरी को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “संवैधानिक रूप से कोई रोक नहीं है, कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है। लेकिन भारत एक हिंदू राष्ट्र है, हिंदू सभ्यता है, और हम विश्वास करते हैं कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा एक हिंदू व्यक्ति ही होगा।” सरमा ने ये भी जोड़ा कि ये उनका व्यक्तिगत विश्वास है।
ओवैसी का तीखा पलटवार
ओवैसी ने रविवार (10 जनवरी) को सरमा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “उनके दिमाग में ट्यूबलाइट है। उन्होंने संविधान की शपथ ली है, लेकिन संविधान में ये सब कहां लिखा है? वो पाकिस्तान की जहनियत रखते हैं। पाकिस्तान के संविधान में लिखा है कि एक ही समुदाय का व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है। हमारे देश में बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान है, जो हिमंता बिस्वा सरमा से ज्यादा जानते थे और ज्यादा पढ़े-लिखे थे।” ओवैसी ने सरमा को संविधान की भावना न समझने का आरोप लगाया।
BJP की तरफ से और हमले
BJP के अन्य नेताओं ने भी ओवैसी पर निशाना साधा। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ओवैसी पर ‘गजवा-ए-हिंद’ की सोच रखने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति की वजह से अतीत में जो हुआ, वो दोबारा नहीं होगा। BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ओवैसी को चैलेंज किया कि पहले अपनी पार्टी AIMIM में किसी हिजाब या बुर्का पहनी महिला या पासमंदा मुस्लिम को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएं। पूनावाला ने कहा, “प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने से पहले, अपनी पार्टी में ही ऐसा करके दिखाएं।”
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने ओवैसी के बयान से असहमति जताई और कहा कि ये टिप्पणियां अनुचित हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल
ये विवाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर रील्स और पोस्ट्स में ओवैसी और सरमा के बयानों को शेयर किया जा रहा है, जिससे सियासी बहस और गर्म हो गई है। कई यूजर्स संविधान की समानता पर चर्चा कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे धार्मिक विभाजन का मुद्दा बता रहे हैं।
ये सियासी जंग अभी थमने के आसार नहीं दिख रही। ओवैसी के बयान ने एक बार फिर संविधान, धर्म और राजनीतिक समानता पर बहस छेड़ दी है। अपडेट्स के लिए न्यूज चैनल्स और सोशल मीडिया पर नजर रखें!
