ट्रंप का खुलासा: ‘पीएम मोदी मुझसे नाराज हैं क्योंकि भारत रूसी तेल खरीद रहा’, लेकिन बोले- रिश्ते अब भी मजबूत
वॉशिंगटन, 7 जनवरी 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका संबंधों पर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे खुश नहीं हैं, क्योंकि भारत रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है, जिससे अमेरिकी ऊर्जा निर्यात प्रभावित हो रहा है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि उनके और मोदी के बीच व्यक्तिगत रिश्ते अब भी अच्छे हैं, लेकिन भारत को रूसी तेल पर निर्भरता कम करनी चाहिए।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी मुझसे खुश नहीं हैं, क्योंकि मैंने भारत पर टैरिफ लगाए हैं। लेकिन देखिए, भारत रूस से तेल खरीद रहा है, जो हमारे लिए समस्या है। रूस यूक्रेन पर हमला कर रहा है, और भारत उससे तेल ले रहा है। हमें यह पसंद नहीं। लेकिन मोदी एक महान नेता हैं, हमारे रिश्ते अच्छे हैं। भारत को अमेरिका से ज्यादा व्यापार करना चाहिए।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-भारत व्यापार तनाव बढ़ रहा है। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में भारतीय स्टील और एल्युमिनियम पर 25-50% टैरिफ बढ़ाए हैं, जिसका जवाब भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर काउंटर टैरिफ से दिया। रूसी तेल पर भारत की निर्भरता भी मुद्दा बनी हुई है – 2025 में भारत ने रूस से रेकॉर्ड 2.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया, जो कुल आयात का 40% है। ट्रंप ने इसे ‘अनुचित’ बताया और कहा कि इससे रूस को युद्ध के लिए फंडिंग मिल रही है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की ऊर्जा नीति स्वतंत्र है और वैश्विक बाजार पर आधारित। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत-अमेरिका स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप मजबूत है। हम विविध ऊर्जा स्रोतों पर फोकस कर रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान 2026 के मध्यावधि चुनावों से पहले घरेलू वोटरों को खुश करने की कोशिश है, जहां ऊर्जा और विदेश नीति बड़े मुद्दे हैं। भारत में भी विपक्ष ने इसे मोदी सरकार की ‘कमजोर विदेश नीति’ बताया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने X पर पोस्ट किया, “ट्रंप की बात से साफ है कि मोदी की दोस्ती सिर्फ शो है। रूसी तेल पर निर्भरता ने हमें कमजोर किया।”
ट्रंप ने इंटरव्यू में भारत को ‘बड़ा बाजार’ बताते हुए ज्यादा निवेश की अपील भी की। उन्होंने कहा, “भारत को अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए, हम सस्ता दे सकते हैं। मोदी से मेरी अच्छी दोस्ती है, लेकिन बिजनेस बिजनेस है।”
यह बयान दोनों देशों के बीच आगामी QUAD समिट से पहले आया है, जहां रूस-चीन गठजोड़ पर चर्चा होगी। अब देखना यह है कि मोदी-ट्रंप की अगली मुलाकात में यह मुद्दा कैसे सुलझता है।
