IRCTC घोटाले में लालू यादव को बड़ा झटका: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगाने से किया इनकार, CBI से मांगा जवाब
IRCTC घोटाले में लालू यादव को बड़ा झटका: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगाने से किया इनकार, CBI से मांगा जवाब
नई दिल्ली: आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को पुराने IRCTC होटल घोटाले मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने सोमवार (5 जनवरी 2026) को लालू की याचिका पर CBI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा, लेकिन फिलहाल ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि CBI का पक्ष सुने बिना ट्रायल रोकना संभव नहीं। मामले की अगली सुनवाई अब 14 जनवरी को होगी।
क्या है पूरा मामला?
यह केस 2004-2009 के दौरान लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुए का है।
CBI का आरोप: रांची और पुरी में दो IRCTC होटलों के मेंटेनेंस और ऑपरेशन का टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी कर सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को फायदा पहुंचाया गया।
बदले में लालू परिवार को सस्ते दाम पर कीमती जमीन और कंपनी शेयर्स ट्रांसफर किए गए, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।
13 अक्टूबर 2025 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और 11 अन्य आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120B (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए थे।
ट्रायल कोर्ट ने इसे “क्रोनी कैपिटलिज्म” का उदाहरण बताया था।
लालू की ओर से वकील कपिल सिब्बल और मनींदर सिंह ने ट्रायल पर तत्काल रोक की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। अगली सुनवाई में CBI अपना पक्ष रखेगी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं RJD ने इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया, जबकि BJP ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है।
लालू पहले से चारा घोटाले समेत कई मामलों में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। क्या 14 जनवरी को राहत मिलेगी या मुकदमा आगे बढ़ेगा? राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है!
