ओवैसी की रैली में सेल्फी का जुनून: भीड़ ने तोड़ा बैरिकेड, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज, पंडाल गिरा
ओवैसी की रैली में सेल्फी का जुनून: भीड़ ने तोड़ा बैरिकेड, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज, पंडाल गिरा
अकोला: महाराष्ट्र के अकोला में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की चुनावी रैली में रविवार रात बड़ा हंगामा हो गया। मुंबई नगरपालिका (BMC) चुनावों के लिए प्रचार कर रहे ओवैसी की जनसभा में अनुमान से कहीं ज्यादा भीड़ उमड़ पड़ी। समर्थक सेल्फी लेने और नेता से मिलने की होड़ में बैरिकेड तोड़कर मंच की ओर दौड़ पड़े, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हालात बेकाबू होने पर पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे भगदड़ मच गई और रैली का पंडाल ढह गया।
क्या हुआ घटनाक्रम?
रैली अकोला के एक मैदान में शाम को शुरू हुई, जहां ओवैसी AIMIM उम्मीदवारों के लिए वोट मांग रहे थे।
भाषण के दौरान ओवैसी ने समर्थकों को मंच पर आने का इशारा किया, जिससे उत्साहित भीड़ बेकाबू हो गई। कई लोग सेल्फी लेने के लिए फोन निकालकर आगे बढ़े।
बैरिकेड टूट गए, लोग मंच पर चढ़ने लगे। आयोजकों की लापरवाही से स्थिति और बिगड़ी।
पुलिस ने पहले चेतावनी दी, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो हल्के लाठीचार्ज का सहारा लिया। इससे लोग इधर-उधर भागे, कुछ गिरे और चोटिल हुए।
भगदड़ में पंडाल का एक हिस्सा गिर गया, लेकिन ओवैसी सुरक्षित रहे और मंच पर ही थे।
घटना में कम से कम 10-15 लोग घायल बताए जा रहे हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
NDTV इंडिया के ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में दिखाया गया कि रात के अंधेरे में रोशनी वाली रैली में लोग भागते नजर आए, पुलिस लाठियां भांज रही थी। एक वीडियो में समर्थक चिल्लाते हुए सुनाई दे रहे हैं – “ओवैसी जिंदाबाद!” लेकिन अफरा-तफरी से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
ओवैसी का रिएक्शन: ओवैसी ने घटना के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि “समर्थकों का प्यार अभूतपूर्व है, लेकिन सुरक्षा सबसे जरूरी। पुलिस का एक्शन जरूरी था, कोई गंभीर चोट नहीं आई।” हालांकि, विपक्ष ने इसे आयोजकों की नाकामी बताया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रैली की अनुमति 5,000 लोगों की थी, लेकिन 20,000 से ज्यादा उमड़ पड़े। जांच शुरू हो गई है, और आयोजकों पर लापरवाही का केस दर्ज हो सकता है।
यह घटना BMC चुनावों के बीच हुई, जहां AIMIM मुस्लिम-बहुल इलाकों में मजबूत दावा कर रही है। क्या यह हंगामा चुनावी रणनीति पर असर डालेगा?
