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‘अमेरिका की नजर अब लैटिन अमेरिका पर’: ट्रंप ने मेक्सिको, क्यूबा और कोलंबिया को दी कड़ी चेतावनी, क्या होगा अगला कदम?

‘अमेरिका की नजर अब लैटिन अमेरिका पर’: ट्रंप ने मेक्सिको, क्यूबा और कोलंबिया को दी कड़ी चेतावनी, क्या होगा अगला कदम?

वाशिंगटन, 4 जनवरी 2026: वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लैटिन अमेरिका के अन्य देशों को सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि मेक्सिको, क्यूबा और कोलंबिया जैसे देशों में “नार्को-टेररिज्म” और अवैध प्रवास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्या ये देश अमेरिका के अगले टारगेट हैं? अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बयान से हलचल मच गई है।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा, “वेनेजुएला में हमने निर्णायक कार्रवाई की और अब हमारा फोकस मेक्सिको, क्यूबा, कोलंबिया जैसे देशों पर है। ये देश ड्रग्स, अवैध इमिग्रेशन और अस्थिरता फैला रहे हैं। अगर वे सुधरते नहीं, तो अमेरिका अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। हमारा मकसद क्षेत्र को सुरक्षित और समृद्ध बनाना है।”

क्यों आई ये चेतावनी?

मेक्सिको: ट्रंप ने मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने की पुरानी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि मेक्सिकन कार्टेल्स अमेरिका में फेंटानिल जैसी ड्रग्स सप्लाई कर रहे हैं, जिससे हजारों मौतें हो रही हैं। मेक्सिको के राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह अमेरिका की आंतरिक समस्या है, हम पर थोपना गलत है।”

क्यूबा: ट्रंप ने क्यूबा को “कम्युनिस्ट तानाशाही” करार दिया और कहा कि वहां से अमेरिका विरोधी गतिविधियां चल रही हैं। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज ने इसे “साम्राज्यवादी धमकी” बताया।

कोलंबिया: यहां ड्रग ट्रैफिकिंग और गुरिल्ला ग्रुप्स पर ट्रंप का फोकस है। कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने चेतावनी को “अनुचित हस्तक्षेप” कहा और संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की।

वेनेजुएला में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप प्रशासन ने तेल भंडारों पर कब्जा कर लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह चेतावनी अमेरिका की “मोनरो डॉक्ट्रिन” को पुनर्जीवित करने की कोशिश है, जहां लैटिन अमेरिका को अमेरिकी प्रभाव क्षेत्र माना जाता है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं तेज हैं। रूस और चीन ने इसे “आक्रामक नीति” बताया, जबकि ब्राजील और अर्जेंटीना जैसे पड़ोसी देश सतर्क हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।

क्या यह सिर्फ चेतावनी है या असली कार्रवाई की तैयारी? आने वाले दिन बताएंगे कि लैटिन अमेरिका का राजनीतिक परिदृश्य कैसे बदलता है। ट्रंप का यह बयान 2026 की शुरुआत में वैश्विक तनाव को नई ऊंचाई दे सकता है।

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