उर्मिला सनावर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी: अंकिता भंडारी केस से जुड़े ऑडियो-ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस सख्त, सुरेश राठौर के घर चस्पा हुआ नोटिस
उर्मिला सनावर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी: अंकिता भंडारी केस से जुड़े ऑडियो-ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस सख्त, सुरेश राठौर के घर चस्पा हुआ नोटिस
हरिद्वार/देहरादून, 3 जनवरी 2026: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो क्लिप और ब्लैकमेलिंग मामलों में फंसी सहारनपुर निवासी अभिनेत्री उर्मिला सनावर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हरिद्वार पुलिस ने कोर्ट से उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) हासिल कर लिया है। उर्मिला लगातार पुलिस की नोटिस के बावजूद पेश नहीं हो रही हैं, जिससे वे फरार बताई जा रही हैं। वहीं, निष्कासित पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर के घर पर भी पुलिस ने नोटिस चस्पा कर दिया है। दोनों की तलाश में दबिश तेज कर दी गई है।
मामले की मुख्य वजहें:
उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर ऑडियो-वीडियो जारी कर अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक ‘वीआईपी’ (कथित तौर पर भाजपा नेता दुष्यंत गौतम) का नाम जोड़ा था।
हरिद्वार जिले में उर्मिला के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज: दो वायरल ऑडियो क्लिप से जुड़े (जिनमें सुरेश राठौर सह-आरोपी), एक ब्लैकमेलिंग का (राठौर की पत्नी की शिकायत पर), और एक राठौर की बेटी की आपत्तिजनक फोटो वायरल करने का (मार्च 2025 में दर्ज)।
देहरादून में भी एक मुकदमा: झूठी अफवाह और अश्लील पोस्ट करने का।
पुलिस ने कई बार नोटिस भेजे, लेकिन दोनों पेश नहीं हुए। उर्मिला के सहारनपुर और अन्य ठिकानों पर नोटिस चस्पा किए गए।
पुलिस कार्रवाई:
हरिद्वार एसएसपी परमेंद्र डोबाल ने एसआईटी गठित की, जो सभी मामलों की जांच कर रही है।
उत्तराखंड एसटीएफ भी उर्मिला की तलाश में लगी है।
पुलिस का दावा: जल्द गिरफ्तारी होगी। संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी।
दिलचस्प बात: उर्मिला के फेसबुक अकाउंट से देहरादून एसएसपी को पत्र जारी हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा की मांग की है।
दोनों पक्षों की स्थिति:
उर्मिला सनावर: खुद को सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं। उन्होंने पुलिस पर गिरफ्तारी के बहाने खतरा पैदा करने का आरोप लगाया है।
सुरेश राठौर: भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक। उर्मिला को ब्लैकमेलर बताते हैं और शादी के दावों को खारिज किया है।
राजनीतिक कोण: विपक्षी दल इसे भाजपा की सांठगांठ बता रहे हैं, जबकि भाजपा ने राठौर को पहले ही निष्कासित कर दिया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला राजनीतिक विवाद और व्यक्तिगत झगड़े का मिश्रण बन गया है। पुलिस पारदर्शी जांच का दावा कर रही है। दोनों की गिरफ्तारी पर नजरें टिकी हैं।
