उत्तराखंड को बड़ा बूस्ट: CM धामी ने 160.54 करोड़ की विकास योजनाओं को दी मंजूरी – सिंचाई, सड़क और आपदा प्रबंधन पर फोकस!
उत्तराखंड को बड़ा बूस्ट: CM धामी ने 160.54 करोड़ की विकास योजनाओं को दी मंजूरी – सिंचाई, सड़क और आपदा प्रबंधन पर फोकस!
देहरादून, 1 जनवरी 2026: नए साल की शुरुआत में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। CM ने विभिन्न जनपदों में सिंचाई परियोजनाओं, सड़क चौड़ीकरण, मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम और आपदा संवेदनशील क्षेत्रों में संचार सुविधाओं के लिए कुल ₹160.54 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी दे दी है। यह राशि नाबार्ड फंडिंग और राज्य आपदा मोचन निधि से आएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।
सिंचाई विभाग को मिला बड़ा हिस्सा
मुख्यमंत्री ने नाबार्ड वित्त पोषण से विभिन्न जनपदों में सिंचाई विभाग की 16 परियोजनाओं के लिए ₹53.68 करोड़ की स्वीकृति दी है। इन योजनाओं से खेती-किसानी को बढ़ावा मिलेगा और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। किसानों के लिए यह नए साल की बड़ी सौगात है।
उधम सिंह नगर में चार लेन सड़क
जनपद उधम सिंह नगर के किच्छा विधानसभा क्षेत्र में नगला-किच्छा मोटर मार्ग (राज्य मार्ग-44) के 7.75 किलोमीटर हिस्से (किमी 4.850 से 12.600 तक) को दो लेन से चार लेन में बदलने के लिए ₹80.63 करोड़ की योजना को मंजूरी मिली है। इस चौड़ीकरण से ट्रैफिक जाम कम होगा, आवागमन आसान बनेगा और क्षेत्र का आर्थिक विकास तेज होगा।
मानव-वन्यजीव संघर्ष और आपदा प्रबंधन पर खास ध्यान
मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन प्रभागों को जरूरी उपकरण और अन्य गतिविधियों के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से ₹11 करोड़ की तत्काल स्वीकृति दी गई है। वहीं, आपदा की दृष्टि से संवेदनशील पांच जनपदों – पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और बागेश्वर – में पुलिस संचार नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए ₹15.23 करोड़ मंजूर किए गए हैं। इससे आपदा के समय रेस्क्यू और कम्युनिकेशन बेहतर होगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस ग्रामीण विकास, सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर है। ये योजनाएं उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। स्थानीय लोगों और किसानों ने इस फैसले का स्वागत किया है। काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। नए साल में उत्तराखंड के विकास की रफ्तार और तेज होने वाली है!
