CIA की रिपोर्ट ने रूसी दावे को खारिज किया: यूक्रेन ने पुतिन की रिहायश को नहीं बनाया था निशाना!
CIA की रिपोर्ट ने रूसी दावे को खारिज किया: यूक्रेन ने पुतिन की रिहायश को नहीं बनाया था निशाना!
वाशिंगटन/मॉस्को, 1 जनवरी 2026: अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की एक गोपनीय रिपोर्ट ने रूस के उस दावे को झुठला दिया है, जिसमें मॉस्को ने आरोप लगाया था कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की निजी रिहायश पर ड्रोन हमला किया। CIA का आकलन है कि यूक्रेन ने पुतिन या उनकी रिहायश को टारगेट नहीं किया था। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन के बीच फोन कॉल में रूसी नेता ने इस कथित हमले का जिक्र किया था, जिससे ट्रंप शुरुआत में नाराज दिखे थे।
रूस ने 29 दिसंबर को दावा किया था कि यूक्रेन ने नोवगोरोड क्षेत्र में स्थित पुतिन की वैल्डाई झील वाली रिहायश पर 91 ड्रोन से हमला किया, जो सभी को रूसी वायु रक्षा ने मार गिराया। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इसे ‘आतंकवादी हमला’ करार दिया और कहा कि इससे शांति वार्ताओं पर असर पड़ेगा। हालांकि, रूस ने इस दावे के लिए कोई ठोस सबूत नहीं पेश किया। क्रेमलिन प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा कि सबूत देने की जरूरत नहीं, क्योंकि यह ‘मासिव अटैक’ था।
CIA की रिपोर्ट, जिसकी जानकारी CNN, NBC News, New York Times और Wall Street Journal जैसे प्रमुख मीडिया ने दी, स्पष्ट कहती है कि यूक्रेन का इरादा पुतिन की रिहायश को निशाना बनाने का नहीं था। बल्कि, ड्रोन हमले उसी क्षेत्र में किसी सैन्य ठिकाने पर थे, जो पहले भी यूक्रेन ने टारगेट किया था। CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने इस आकलन की ब्रिफिंग ट्रंप को दी, जिसके बाद ट्रंप का रुख बदलता दिखा। उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट का एक संपादकीय शेयर किया, जिसमें कहा गया कि पुतिन का यह दावा शांति में बाधा डालने वाला है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूसी आरोप को ‘पूरी तरह झूठ’ करार दिया और कहा कि यह शांति वार्ताओं को पटरी से उतारने की कोशिश है। यूक्रेनी अधिकारियों ने इसे रूसी डिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस इस दावे से वार्ताओं में कड़ा रुख अपनाने का बहाना ढूंढ रहा है, खासकर जब ट्रंप प्रशासन यूक्रेन युद्ध खत्म करने की कोशिशें तेज कर रहा है।
यह घटना 2023 के क्रेमलिन ड्रोन हमले की याद दिलाती है, जहां भी रूस ने यूक्रेन पर आरोप लगाया था, लेकिन सबूतों की कमी रही। CIA की इस रिपोर्ट से रूसी दावे की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं, और यह यूक्रेन-रूस शांति प्रक्रिया पर नया मोड़ ला सकती है।
