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रूस ने बेलारूस के बर्फीले जंगलों में तैनात किए न्यूक्लियर-कैपेबल ‘ओरेश्निक’ मिसाइल सिस्टम: पुतिन का न्यू ईयर ‘संदेश’ या यूक्रेन वार में नई रणनीति?

रूस ने बेलारूस के बर्फीले जंगलों में तैनात किए न्यूक्लियर-कैपेबल ‘ओरेश्निक’ मिसाइल सिस्टम: पुतिन का न्यू ईयर ‘संदेश’ या यूक्रेन वार में नई रणनीति?

मॉस्को/मिन्स्क, 31 दिसंबर 2025: नए साल की पूर्व संध्या पर रूस ने बड़ा सैन्य कदम उठाया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को वीडियो जारी कर घोषणा की कि न्यूक्लियर-कैपेबल हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम ओरेश्निक (Oreshnik) को बेलारूस में कॉम्बैट ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया है। वीडियो में मोबाइल लॉन्चर्स को बर्फीले जंगलों में ले जाते और नेटिंग से कवर करते दिखाया गया है। बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने कहा कि उनके देश में 10 तक ऐसे सिस्टम तैनात होंगे। यह कदम यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी देशों के साथ तनाव के बीच रूस की ‘मसल फ्लेक्सिंग’ माना जा रहा है।

क्या है ओरेश्निक मिसाइल?

रेंज: 5,000 किमी तक, पूरे यूरोप को टारगेट कर सकती है।

स्पीड: मach 10 से ज्यादा (ध्वनि की गति से 10 गुना), इंटरसेप्ट करना असंभव बताती है रूस।

वारहेड: न्यूक्लियर या कन्वेंशनल, मल्टीपल वारहेड्स।

पहली बार नवंबर 2024 में यूक्रेन पर टेस्ट किया गया।

वीडियो में अनडिस्क्लोज्ड लोकेशन दिखाई गई, लेकिन सैटेलाइट इमेजरी से पूर्वी बेलारूस के पुराने एयरबेस (क्रिचेव-6) पर तैनाती की पुष्टि हो रही है। यह NATO देशों (पोलैंड, लिथुआनिया, लातविया) की सीमा से नजदीक है, जिससे स्ट्राइक टाइम कम हो जाता है।

न्यू ईयर पर पुतिन का ‘प्लान’ क्या?

विशेषज्ञों के अनुसार, यह तैनाती कोई आकस्मिक नहीं:

यूक्रेन पीस टॉक्स में दबाव: अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत क्रिटिकल स्टेज पर, रूस अपनी पोजिशन मजबूत कर रहा।

NATO को चेतावनी: पुतिन ने कहा कि ओरेश्निक ‘अनइंटरसेप्टेबल’ है, यूरोप को सीधा संदेश।

न्यू ईयर टाइमिंग: साल के अंत में तैनाती कर रूस ‘स्ट्रैटेजिक सिग्नल’ दे रहा – 2026 में और एस्केलेशन संभव।

पहले से बेलारूस में टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन्स तैनात, अब इंटरमीडिएट रेंज जोड़कर रूस की न्यूक्लियर छतरी मजबूत।

पुतिन ने दिसंबर में कहा था कि ओरेश्निक साल के अंत तक कॉम्बैट ड्यूटी पर आएगा। लुकाशेंको ने इसे ‘पश्चिम की आक्रामकता’ का जवाब बताया। पश्चिमी देश चिंतित: यह न्यूक्लियर थ्रेट बढ़ा रहा, लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह ज्यादा पॉलिटिकल है, मिलिट्री गेम-चेंजर नहीं। नए साल में तनाव और बढ़ सकता है – क्या यह शांति की राह या युद्ध की तैयारी? दुनिया की नजरें रूस पर!

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