ओला इलेक्ट्रिक का बुरा दौर: 50% गंवाया मार्केट शेयर, CEO ने बेचे शेयर, ऐसे बिगड़ा खेल
ओला इलेक्ट्रिक का बुरा दौर: 50% गंवाया मार्केट शेयर, CEO ने बेचे शेयर, ऐसे बिगड़ा खेल
बेंगलुरु/मुंबई, 30 दिसंबर 2025: एक समय भारत की इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट की बादशाह रही ओला इलेक्ट्रिक अब संकट में घिर गई है। सरकारी Vahan पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का मार्केट शेयर 2024 के 36.7% से घटकर 2025 में सिर्फ 16.1% रह गया – यानी 50% से ज्यादा की गिरावट। इस साल कंपनी ने सिर्फ 1,96,767 यूनिट्स बेचीं, जबकि कुल EV सेगमेंट में ग्रोथ हुई। अब TVS मोटर (24.2%) टॉप पर है, उसके बाद बजाज ऑटो (21.9%) और एथर एनर्जी (16.2%)।
CEO ने बेचे शेयर, निवेशकों में हड़कंप
दिसंबर 2025 में फाउंडर और CEO भविष अग्रवाल ने तीन दिनों में करीब 9.65 करोड़ शेयर बेचे, जिनकी वैल्यू Rs 324.6 करोड़ थी। यह सेल पर्सनल लोन चुकाने और प्लेज्ड शेयर रिलीज करने के लिए थी, लेकिन स्टॉक पहले से 60% गिर चुका था। इससे निवेशकों का भरोसा और डगमगाया। कंपनी ने कहा कि यह वन-टाइम मूव था और प्रमोटर ग्रुप की होल्डिंग अब भी 34.6% है, लेकिन मार्केट ने इसे नेगेटिव सिग्नल माना।
सर्विस और क्वालिटी की शिकायतें बनीं बड़ी वजह
ओला की गिरावट की मुख्य वजह ग्राहकों की लगातार शिकायतें हैं – सर्विस डिले, स्पेयर पार्ट्स की कमी, बैटरी फेलियर, रेंज कम होना और डिलीवरी में देरी। CCPA ने सर्विस इश्यूज पर जांच शुरू की, गोवा में तो रजिस्ट्रेशन ही बैन हो गया क्योंकि 2000 से ज्यादा स्कूटर सर्विस सेंटर्स पर पड़े थे। प्रतिद्वंद्वी कंपनियां जैसे TVS, बजाज और एथर मजबूत डीलर नेटवर्क, बेहतर आफ्टर-सेल्स और डाइवर्स प्रोडक्ट्स से फायदा उठा रही हैं।
आगे क्या?
कंपनी अब इन्वर्टर बिजनेस (ओला शक्ति) और इन-हाउस बैटरी सेल पर फोकस कर रही है। PLI इंसेंटिव से मदद मिलेगी, लेकिन सर्विस सुधारना और ट्रस्ट वापस जीतना बड़ी चुनौती है। 2026 में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल लॉन्च से उम्मीद है, लेकिन फिलहाल ओला का ‘इलेक्ट्रिक ड्रीम’ मुश्किल में दिख रहा है। स्टॉक 52-वीक लो पर है और निवेशक सतर्क।
