बांग्लादेश में बड़ा झटका: नामांकन के एक दिन बाद खालिदा जिया का निधन
बांग्लादेश में बड़ा झटका: नामांकन के एक दिन बाद खालिदा जिया का निधन
ढाका, 30 दिसंबर 2025: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी चेयरपर्सन खालिदा जिया का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वे 80 वर्ष की थीं। बीएनपी ने बयान जारी कर कहा कि खालिदा जिया का इंतकाल फज्र की नमाज के बाद सुबह 6 बजे एवरकेयर अस्पताल में हुआ। लंबी बीमारी से जूझ रही खालिदा की हालत पिछले कुछ महीनों से गंभीर थी और वे वेंटिलेटर पर थीं।
सबसे दुखद संयोग यह कि ठीक एक दिन पहले, 29 दिसंबर को उनके प्रतिनिधियों ने फरवरी 2026 में होने वाले संसदीय चुनाव के लिए नामांकन पत्र जमा किया था। खालिदा जिया तीन सीटों – बोगरा-7, फेनी-1 और दिनाजपुर-3 से बीएनपी की उम्मीदवार थीं। बोगरा-7 उनके लिए ऐतिहासिक सीट है, जहां से वे 1991, 1996 और 2001 में जीती थीं। नामांकन में उनकी बीमारी के कारण साइन की जगह अंगूठे का निशान लगाया गया।
राजनीतिक विरासत और अंतिम दिनों की हलचल
खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं (1991-96 और 2001-06)।
शेख हसीना के साथ दशकों की कट्टर प्रतिद्वंद्विता ने देश की सियासत को आकार दिया।
2018 में भ्रष्टाचार केस में जेल गईं, लेकिन 2025 में बरी होने के बाद चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हुआ।
नवंबर में उन्होंने चुनाव प्रचार करने की इच्छा जताई थी।
उनके बेटे तारेक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद 25 दिसंबर को लौटे और दो सीटों से नामांकन किया। अब वे बीएनपी के प्रमुख चेहरे होंगे और सहानुभूति की लहर से पार्टी को फायदा मिल सकता है।
अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने खालिदा को “लोकतंत्र की प्रतीक” बताया। फरवरी 2026 के चुनाव में बीएनपी मजबूत स्थिति में है, लेकिन खालिदा की कमी पार्टी और देश की सियासत में गहरा शून्य छोड़ेगी।
