राजनीति

महाराष्ट्र निकाय चुनाव: क्या फिर एक हो रही है NCP? पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे में अजित-शरद पवार गुटों का गठबंधन

महाराष्ट्र निकाय चुनाव: क्या फिर एक हो रही है NCP? पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे में अजित-शरद पवार गुटों का गठबंधन

पुणे/मुंबई, 30 दिसंबर 2025: महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। ढाई साल बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दो गुट – अजित पवार और शरद पवार के नेतृत्व वाले – फिर से साथ आ गए हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 28 दिसंबर को पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव के लिए गठबंधन की घोषणा की। उन्होंने रैली में कहा, “घड़ी और तुतारी एक साथ आ गई हैं, परिवार फिर एकजुट हो गया है।” यह महाराष्ट्र के विकास के हित में लिया गया फैसला है।

इसके अगले दिन, 29 दिसंबर को NCP (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने पुणे नगर निगम चुनाव के लिए भी दोनों गुटों के गठबंधन की पुष्टि की। रोहित पवार ने कहा कि यह निर्णय स्थानीय कार्यकर्ताओं की मांग पर लिया गया है और फिलहाल सिर्फ पुणे व पिंपरी-चिंचवड़ तक सीमित है। दोनों गुट अपने-अपने चुनाव चिन्ह (घड़ी और तुतारी) पर लड़ेंगे, लेकिन सीट बंटवारा जल्द घोषित होगा।

क्यों हुआ गठबंधन?

2023 में NCP टूटने के बाद दोनों गुट अलग-अलग लड़ रहे थे। 2024 विधानसभा चुनाव में अजित गुट को 41 सीटें, शरद गुट को 10 मिलीं।

पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे में NCP का पारंपरिक प्रभाव है। 2017 तक अविभाजित NCP का कब्जा था, लेकिन BJP ने छीन लिया।

कार्यकर्ताओं का दबाव: वोट बंटने से BJP को फायदा न हो, इसलिए एकजुटता।

नामांकन की आखिरी तारीख 30 दिसंबर होने से जल्द फैसला जरूरी

आगे क्या?

रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि यह गठबंधन सिर्फ इन दो निकायों तक है, पूर्ण विलय नहीं। मुंबई (BMC) में अजित गुट अकेले लड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीतिक कदम है, जो निकाय चुनावों में BJP को चुनौती दे सकता है। महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे। क्या यह चाचा-भतीजे की सुलह का संकेत है या सिर्फ चुनावी मजबूरी? आने वाला समय बताएगा।

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