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2025: मर्द के दर्द का साल, पत्नियों और प्रेमियों के हाथों पतियों की हत्याओं ने हिलाया देश

2025: मर्द के दर्द का साल, पत्नियों और प्रेमियों के हाथों पतियों की हत्याओं ने हिलाया देश

नई दिल्ली, 29 दिसंबर 2025: साल 2025 भारतीय समाज के लिए एक चौंकाने वाला साल साबित हुआ, जहां पारंपरिक रूप से दहेज और घरेलू हिंसा के शिकार महिलाओं की कहानियां सुनी जाती थीं, वहीं इस बार कई मामलों में पत्नियां और उनके प्रेमी पतियों की हत्या की साजिश रचते नजर आए। मीडिया और सोशल मीडिया पर इसे ‘मर्द के दर्द का साल’ कहा जा रहा है, क्योंकि इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड से लेकर मेरठ के सौरभ राजपूत मर्डर तक, कई दिल दहला देने वाली घटनाएं सामने आईं। इनमें ज्यादातर मामलों में अवैध संबंध, संपत्ति की लालच या घरेलू कलह मुख्य वजह बताई गई।

साल की शुरुआत से ही ऐसे मामले सुर्खियां बटोरते रहे। मार्च में मेरठ में मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी सहित मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर शव को टुकड़े-टुकड़े कर सीमेंट से भरे ड्रम में छिपा दिया। इसके बाद दोनों हिमाचल घूमने चले गए। अप्रैल में बिजनौर में एक रेलवे कर्मचारी की पत्नी ने उसे दवा खिलाकर बेहोश कर गला घोंट दिया। जून में मेघालय हनीमून मर्डर केस ने पूरे देश को हिला दिया, जहां नवविवाहिता सोनम रघुवंशी ने सुपारी देकर पति राजा की हत्या करवाई और शव खाई में फेंक दिया।

दिसंबर तक आते-आते ऐसे मामले और बढ़ गए। जयपुर में एक पत्नी ने गूगल सर्च कर पति की हत्या की प्लानिंग की। कानपुर में कुल्हाड़ी से 10 वार कर हत्या, हैदराबाद में प्रेमी के साथ मिलकर हार्ट अटैक बताकर शव ठिकाने लगाया। संभल में शव के टुकड़े कर नहर में फेंके गए। विशेषज्ञों के अनुसार, इनमें से कई मामलों में प्रेमी के साथ मिलीभगत और यूट्यूब-फिल्मों से प्रेरित क्राइम के तरीके इस्तेमाल हुए।

रक्षा विशेषज्ञ और पुरुष अधिकार कार्यकर्ता इसे ‘रिवर्स डॉमेस्टिक वायलेंस’ का ट्रेंड बता रहे हैं। अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक, सालाना 270-300 पति पत्नियों के हाथों मारे जाते हैं, जबकि पत्नियों की हत्याएं करीब 225। पुरुषों की आत्महत्याओं में भी वैवाहिक कलह बड़ी वजह है। कार्यकर्ता जेंडर न्यूट्रल कानूनों की मांग कर रहे हैं, ताकि पुरुषों को भी घरेलू हिंसा से सुरक्षा मिले।

हालांकि महिला अधिकार संगठन कहते हैं कि महिलाओं पर हिंसा अभी भी ज्यादा है और ये मामले अपवाद हैं। फिर भी, 2025 ने समाज को आईना दिखाया कि वैवाहिक रिश्तों में दर्द दोनों तरफ होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य और जागरूकता से ऐसे अपराध रोके जा सकते हैं। आने वाला साल उम्मीदों भरा हो, जहां प्यार हत्या न बने।

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