नए साल की सौगात: ऋषिकेश में जल्द खुलेगा आधुनिक बजरंग सेतु, पर्यटकों को मिलेगा रोमांचक अनुभव
नए साल की सौगात: ऋषिकेश में जल्द खुलेगा आधुनिक बजरंग सेतु, पर्यटकों को मिलेगा रोमांचक अनुभव
ऋषिकेश, 29 दिसंबर 2025: योग नगरी ऋषिकेश को नए साल में बड़ी सौगात मिलने वाली है। गंगा नदी पर निर्माणाधीन उत्तराखंड का पहला आधुनिक ग्लास सस्पेंशन ब्रिज ‘बजरंग सेतु’ जनवरी के अंत तक आमजन और पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। 68 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला का विकल्प बनेगा, जो सुरक्षा कारणों से 2019 से बंद है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने दावा किया है कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे जनता को सौंप दिया जाएगा।
बजरंग सेतु टिहरी जिले के तपोवन और पौड़ी जिले के स्वर्गाश्रम को जोड़ेगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत दोनों तरफ पारदर्शी ग्लास फुटपाथ है, जहां से पैदल चलते हुए गंगा नदी का नीचे बहता पानी साफ दिखेगा – यह रोमांचक अनुभव पर्यटकों को विदेशी ग्लास ब्रिज जैसा फील देगा। पुल की लंबाई 132 मीटर और चौड़ाई 8 मीटर है। बीच में दोपहिया और हल्के वाहनों के लिए स्टील डेक, जबकि दोनों किनारों पर 1.5 मीटर चौड़े 65-66 एमएम मोटे टफन्ड ग्लास फुटपाथ बनाए गए हैं। पुल के टावरों पर केदारनाथ मंदिर की आकृति उकेरी गई है, जो धार्मिक महत्व बढ़ाएगी।
रात में रंग-बिरंगी लाइटिंग और सीसीटीवी कैमरों से पुल और सुरक्षित व आकर्षक बनेगा। यह उत्तर भारत का पहला ग्लास फुटपाथ वाला पुल होगा और एशिया में दूसरा। निर्माण 2022 में शुरू हुआ था, देरी के बावजूद अब 90% से ज्यादा काम पूरा हो चुका है।
यह पुल न केवल स्थानीय लोगों का आवागमन आसान करेगा, बल्कि ऋषिकेश के पर्यटन को नई ऊंचाई देगा। लक्ष्मण झूला बंद होने से प्रभावित बाजारों को नई जान मिलेगी। देश-विदेश के श्रद्धालु और एडवेंचर प्रेमी यहां खिंचे चले आएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि बजरंग सेतु ऋषिकेश को ‘योग कैपिटल’ के साथ ‘एडवेंचर हब’ की नई पहचान देगा।
नए साल में यह सौगात उत्तराखंड पर्यटन के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। अगर आप ऋषिकेश घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो जनवरी अंत तक इंतजार करें – बजरंग सेतु पर चलने का रोमांच बेमिसाल होगा!
