यूपी स्कूलों में नया नियम: प्रार्थना के बाद रोज 10 मिनट अखबार पढ़ना अनिवार्य, स्क्रीन टाइम घटेगा
यूपी स्कूलों में नया नियम: प्रार्थना के बाद रोज 10 मिनट अखबार पढ़ना अनिवार्य, स्क्रीन टाइम घटेगा
लखनऊ, 27 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में छात्रों की पढ़ाई और जागरूकता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सभी बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा के बाद कम से कम 10 मिनट अखबार पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों पर लागू होगा, लेकिन प्राइमरी स्तर पर भी इसे बढ़ावा दिया जाएगा।
माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा 23 दिसंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी दोनों अखबार उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रार्थना सभा के दौरान छात्र बारी-बारी से प्रमुख खबरें पढ़कर सुनाएंगे। शिक्षक इन खबरों पर चर्चा कराएंगे, नए शब्दों की व्याख्या करेंगे और छात्रों से विश्लेषण करवाएंगे। इसके अलावा ‘आज का शब्द’ गतिविधि शुरू की गई है, जिसमें अखबार से 5 कठिन शब्द चुनकर नोटिस बोर्ड पर लिखे जाएंगे।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों में पढ़ने की आदत डालना, शब्दकोश बढ़ाना, भाषा शैली सुधारना और सामान्य ज्ञान मजबूत करना है। सरकार का कहना है कि मोबाइल और सोशल मीडिया की लत से दूर रखने के लिए यह कदम जरूरी है। इससे छात्रों का स्क्रीन टाइम कम होगा, तार्किक सोच विकसित होगी और फेक न्यूज पहचानने की क्षमता बढ़ेगी। यह नवंबर में शुरू हुई व्यापक रीडिंग कैंपेन का हिस्सा है, जिसमें पाठ्यक्रम के बाहर किताबें पढ़ना भी अनिवार्य किया गया था।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, स्कूलों को सरकारी खर्च पर अखबार खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रुप डिस्कशन, डिबेट और नए शब्दों की डायरी बनाने जैसी गतिविधियां भी शामिल होंगी। शिक्षाविदों ने इस फैसले का स्वागत किया है, कहते हैं कि इससे छात्र देश-दुनिया से जुड़ेंगे और प्रतियोगी परीक्षाओं में फायदा होगा।
क्या यह नियम निजी स्कूलों पर भी लागू होगा? अभी नहीं, लेकिन सरकारी स्कूलों में सख्ती से लागू किया जा रहा है। प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए यह बदलाव भविष्य को मजबूत बनाने वाला साबित हो सकता है।
