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चांदी में एक दिन में 17,000 रुपये की उछाल: सोना भी रिकॉर्ड हाई पर, क्या है तेजी की असली वजह?

चांदी में एक दिन में 17,000 रुपये की उछाल: सोना भी रिकॉर्ड हाई पर, क्या है तेजी की असली वजह?

नई दिल्ली, 27 दिसंबर 2025: कीमती धातुओं के बाजार में हलचल मची हुई है। शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के भाव में भारी उछाल आया और यह एक ही दिन में करीब 17,000 रुपये महंगी होकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। चांदी का फ्यूचर्स प्राइस 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के पार निकल गया, जबकि दिल्ली सर्राफा बाजार में स्पॉट प्राइस 2,36,000-2,40,000 रुपये प्रति किलो तक दर्ज किया गया। सोना भी बेकाबू रहा—24 कैरेट गोल्ड 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंचकर ऑल टाइम हाई बना रहा।

वैश्विक बाजार में चांदी ने $77 प्रति औंस का स्तर पार कर लिया, जो साल भर में 167% की बढ़ोतरी दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी की मुख्य वजहें हैं:

औद्योगिक मांग और सप्लाई डेफिसिट: चांदी का बड़ा हिस्सा सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी में इस्तेमाल होता है। अमेरिका ने चांदी को ‘क्रिटिकल मिनरल’ घोषित किया है, जिससे इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ी। सप्लाई में कमी के कारण प्राइस पर दबाव बना हुआ है।

जियोपॉलिटिकल टेंशन और सेफ-हेवन डिमांड: दुनिया भर में बढ़ते तनाव, अमेरिकी पॉलिसी अनिश्चितता और डॉलर की कमजोरी से निवेशक सोने-चांदी की ओर भाग रहे हैं। यह ‘डिबेसमेंट ट्रेड’ का हिस्सा है, जहां मुद्राओं की गिरावट में प्रेशस मेटल्स मजबूत होते हैं।

इंटरेस्ट रेट कट की उम्मीदें: फेडरल रिजर्व से रेट कट की संभावना और निवेशकों का बड़ा इनफ्लो इस रैली को सपोर्ट कर रहा है।

2025 में चांदी 150-170% और सोना 70% तक महंगा हो चुका है। भारत में रिटेल बायिंग कम हुई है, लेकिन निवेशक ETF और फ्यूचर्स में सक्रिय हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि लॉन्ग टर्म में तेजी बनी रहेगी, लेकिन शॉर्ट टर्म में प्रॉफिट बुकिंग से गिरावट आ सकती है। शादी-त्योहारों के सीजन में खरीदारों को इंतजार करने की सलाह दी जा रही है। क्या यह बुल रन जारी रहेगा? बाजार की नजरें ग्लोबल इवेंट्स पर टिकी हैं।

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