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बांग्लादेश चुनाव: अमेरिकी संगठन IRI की बढ़ती सक्रियता, ‘डीप स्टेट’ से जुड़े आरोप गहराए

बांग्लादेश चुनाव: अमेरिकी संगठन IRI की बढ़ती सक्रियता, ‘डीप स्टेट’ से जुड़े आरोप गहराए

ढाका, 27 दिसंबर 2025: बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने वाले आम चुनाव से महज 50 दिन पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में चुनावी तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इन सबके बीच अमेरिकी संगठन इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट (IRI) की गतिविधियां सुर्खियों में हैं। IRI को अक्सर अमेरिकी ‘डीप स्टेट’ या USAID से जुड़ा माना जाता है, और इसके हालिया सर्वे व मुलाकातों ने भारत सहित पड़ोसी देशों में चिंता बढ़ा दी है।

IRI ने अक्टूबर 2025 में बांग्लादेश का दौरा किया और प्री-इलेक्शन असेसमेंट मिशन चलाया। इस दौरान इसके प्रतिनिधियों ने यूनुस से मुलाकात की, BNP, जमात-ए-इस्लामी और अन्य दलों के नेताओं से बातचीत की। IRI ने एक राष्ट्रव्यापी सर्वे भी कराया, जिसमें यूनुस को ‘हीरो’ की तरह पेश किया गया, जबकि भारत को नकारात्मक रूप से दिखाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि IRI की ये गतिविधियां चुनावी माहौल को अमेरिकी हितों के अनुकूल आकार देने की कोशिश लगती हैं।

IRI की फंडिंग मुख्य रूप से अमेरिकी सरकार से आती है, और इसे लोकतंत्र promotion का काम सौंपा जाता है। लेकिन भारत व बांग्लादेश के कुछ मीडिया में इसे ‘रिजीम चेंज’ की रणनीति से जोड़ा जा रहा है। 2024 में शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद भी IRI की भूमिका पर सवाल उठे थे। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि IRI ने युवाओं, रैपर्स और LGBT एक्टिविस्ट्स को ट्रेनिंग दी ताकि विरोध प्रदर्शन को मजबूत किया जा सके। हालांकि IRI इन आरोपों को खारिज करता है और कहता है कि उसका काम सिर्फ चुनावी पारदर्शिता और डेमोक्रेसी को मजबूत करना है।

चुनाव में BNP और जमात-ए-इस्लामी मुख्य मुकाबले में हैं, जबकि अवामी लीग पर बैन लगा हुआ है। IRI की सक्रियता से क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है, क्योंकि भारत बांग्लादेश में स्थिरता चाहता है। क्या IRI की भूमिका निष्पक्ष है या अमेरिकी प्रभाव बढ़ाने की कोशिश? दुनिया की नजरें ढाका पर टिकी हैं।

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