उत्तराखंड में तेंदुए का कहर: नैनीताल के धारी में हेमा देवी को जंगल में खींच ले गया, अधखाई लाश मिली; देवर की कोशिश नाकाम
उत्तराखंड में तेंदुए का कहर: नैनीताल के धारी में हेमा देवी को जंगल में खींच ले गया, अधखाई लाश मिली; देवर की कोशिश नाकाम
नैनीताल: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष फिर चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार सुबह नैनीताल जिले के धारी ब्लॉक में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जहां तेंदुए ने हेमा देवी नामक महिला को घास काटने के दौरान हमला कर जंगल में खींच ले गया। देवर ने शोर मचाकर और पत्थर फेंककर बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन तेंदुआ महिला को नहीं छोड़ा। बाद में जंगल में हेमा देवी की अधखाई लाश बरामद हुई, जिससे पूरे गांव में मातम पसर गया।
अधिकारियों के अनुसार, घटना दीनी तल्ली ग्राम पंचायत के तोक धूरा क्षेत्र में सुबह हुई। हेमा देवी (उम्र करीब 40-50 वर्ष) मवेशियों के लिए चारा लाने जंगल गई थीं। घात लगाए तेंदुए ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाया और खोजबीन की, लेकिन कुछ दूरी पर ही महिला का आंशिक शव मिला। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कुछ रिपोर्ट्स में ग्रामीणों ने वन रेंजर को घेरकर नाराजगी भी जताई।
उत्तराखंड में इन दिनों तेंदुए और भालुओं का आतंक चरम पर है। तेंदुए सड़कों पर घूमते दिख रहे हैं, जबकि भालू आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रहे हैं। 2025 में अब तक दर्जनों हमलों में कई मौतें हो चुकी हैं। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन, जंगलों की कटाई और मानव अतिक्रमण का नतीजा बता रहे हैं। वन विभाग पिंजरे, कैमरा ट्रैप और गश्त बढ़ा रहा है, लेकिन ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
यह घटना महिलाओं और बच्चों के लिए जंगल जाने को खतरे से खाली नहीं छोड़ रही। सरकार से प्रभावी उपायों की मांग जोर पकड़ रही है। क्या देवभूमि में इंसान और जंगल का यह संघर्ष कभी थमेगा?
