AI वीडियो विवाद में हरीश रावत का BJP कार्यालय पर धावा, लाउडस्पीकर से पूछे सवाल; ‘आदेश’ फाड़कर मांगा प्रमाण
AI वीडियो विवाद में हरीश रावत का BJP कार्यालय पर धावा, लाउडस्पीकर से पूछे सवाल; ‘आदेश’ फाड़कर मांगा प्रमाण
देहरादून, 25 दिसंबर 2025: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने AI जनरेटेड वीडियो विवाद को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। आज क्रिसमस के दिन रावत BJP प्रदेश कार्यालय की ओर कूच कर गए, जहां उन्होंने लाउडस्पीकर से भाजपा नेताओं से सवाल पूछे और कथित ‘आदेश’ (वीडियो पोस्ट करने के निर्देश) को फाड़कर प्रमाण मांगा। पुलिस ने उन्हें कार्यालय पहुंचने से पहले रोक लिया, जिसके बाद रावत ने मौके पर ही धरना दिया।
क्या है पूरा विवाद?
उत्तराखंड BJP के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से 18 दिसंबर को एक AI वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें हरीश रावत की इमेज का इस्तेमाल कर बैकग्राउंड में ‘मजार शरणम गच्छामि’ जैसा ऑडियो जोड़ा गया। BJP ने इसे कांग्रेस की ‘मुस्लिम तुष्टिकरण’ नीति का प्रतीक बताया।
रावत ने इसे अपनी छवि खराब करने और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की साजिश करार दिया। उन्होंने माफी और वीडियो हटाने की मांग की, साथ ही लगातार 7 दिनों तक BJP कार्यालय जाकर विरोध करने का ऐलान किया था।
आज की घटना
रावत कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ BJP कार्यालय पहुंचे। लाउडस्पीकर से उन्होंने सवाल पूछे: “यह वीडियो किसके आदेश पर पोस्ट किया गया? प्रमाण दिखाओ!”
एक कागज (कथित आदेश की कॉपी) फाड़ते हुए बोले, “यह झूठ का प्रमाण है, असली प्रमाण लाओ!”
पुलिस ने बैरियर लगाकर रोका, जिस पर रावत ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। बाद में FIR दर्ज कराई गई।
BJP प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसे कांग्रेस की ‘ड्रामा’ बताया और कहा कि वीडियो कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति की सच्चाई दिखाता है। पुलिस ने नेहरू कॉलोनी थाने में BJP के खिलाफ FIR दर्ज की है। रावत ने कहा, “झूठ का पर्दाफाश करूंगा, चाहे प्राण चले जाएं।”
यह विवाद उत्तराखंड की सियासत में AI के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण बन गया है। आने वाले दिनों में और प्रदर्शन की संभावना है।
