अवामी लीग पर बैन कायम, शेख हसीना की पार्टी नहीं लड़ सकेगी फरवरी 2026 चुनाव
अवामी लीग पर बैन कायम, शेख हसीना की पार्टी नहीं लड़ सकेगी फरवरी 2026 चुनाव
ढाका, 25 दिसंबर 2025: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी फरवरी 2026 में होने वाले राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेगी। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने बुधवार को कहा कि पार्टी की गतिविधियों पर लगा बैन और चुनाव आयोग द्वारा रजिस्ट्रेशन निलंबित होने के कारण अवामी लीग चुनाव नहीं लड़ सकती। यह बांग्लादेश के इतिहास में पहली बार होगा जब 1971 के बाद अवामी लीग किसी चुनाव से बाहर रहेगी।
मई 2025 में अंतरिम सरकार ने आतंकवाद निरोधक कानून के तहत अवामी लीग की सभी गतिविधियों पर बैन लगा दिया था, जो इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल में पार्टी और उसके नेताओं के ट्रायल पूरा होने तक जारी रहेगा। इसके बाद चुनाव आयोग ने पार्टी का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया। यह कदम 2024 की छात्र-नेतृत्व वाली क्रांति के बाद उठाया गया, जिसमें शेख हसीना की सरकार गिर गई और वे भारत में शरण लेने को मजबूर हुईं।
शेख हसीना ने निर्वासन से इस फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा, “अवामी लीग के बिना चुनाव कोई चुनाव नहीं, बल्कि ताजपोशी है। यूनुस बिना एक वोट के शासन कर रहे हैं और अब नौ बार चुनी गई पार्टी पर बैन लगा रहे हैं।” हसीना ने चेतावनी दी कि उनके लाखों समर्थक चुनाव का बहिष्कार करेंगे, जिससे नई सरकार की वैधता पर सवाल उठेंगे।
अमेरिकी सांसदों ने अवामी लीग पर पूर्ण बैन को लेकर चिंता जताई है और यूनुस सरकार से समावेशी चुनाव की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवामी लीग के बिना चुनाव से बांग्लादेश की राजनीति में गहरा विभाजन बढ़ेगा और मुख्य मुकाबला बीएनपी व जमात-ए-इस्लामी के बीच होगा। अवामी लीग की नाव चुनाव चिह्न भी बैलेट पर नहीं दिखेगी।
यह फैसला बांग्लादेश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है, जहां एक प्रमुख पार्टी को बाहर रखा जा रहा है।
