महाराष्ट्र: 20 साल बाद ठाकरे बंधु एक मंच पर, उद्धव-राज ने BMC चुनाव के लिए गठबंधन का ऐलान – जानिए क्या-क्या बोले!
महाराष्ट्र: 20 साल बाद ठाकरे बंधु एक मंच पर, उद्धव-राज ने BMC चुनाव के लिए गठबंधन का ऐलान – जानिए क्या-क्या बोले!
मुंबई। महाराष्ट्र की सियासत में बुधवार को बड़ा उलटफेर हुआ। 20 साल बाद अलग हुए चचेरे भाई उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के बीच गठबंधन की औपचारिक घोषणा कर दी। दोनों ने पहले शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे को श्रद्धांजलि अर्पित की, फिर वर्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह गठबंधन मुख्य रूप से 15 जनवरी 2026 को होने वाले BMC चुनाव और राज्य की अन्य 28 नगर निगमों के लिए है।
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा:
“हम साथ रहने के लिए एक साथ आए हैं। हम ठाकरे भाई के रूप में यहां हैं।”
“हमारी सोच एक है। मराठी मानुष के संघर्ष और बलिदानों को याद रखें। दिल्ली में बैठे लोग मुंबई को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।”
“बंटेंगे तो कटेंगे नहीं, चूक गए तो संपल (समाप्त हो जाएंगे)। महाराष्ट्र का नेतृत्व केवल ठाकरे कर सकते हैं।”
“बीजेपी में जो हो रहा है, उसे सहन न करने वाले हमारे साथ आ सकते हैं।”
उद्धव ने मराठी एकता पर जोर देते हुए कहा कि मुंबई को महाराष्ट्र से अलग नहीं होने देंगे।
राज ठाकरे ने क्या कहा:
“महाराष्ट्र लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहा था। मैं शिवसेना और मनसे के गठबंधन का ऐलान करता हूं।”
“महाराष्ट्र किसी व्यक्तिगत झगड़े से बड़ा है। मुंबई का अगला महापौर मराठी होगा और हमारे गठबंधन से होगा।”
राज ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में बच्चे अपहरण करने वाली गिरोह सक्रिय हैं और राजनीतिक दलों के ‘बच्चों’ को भी अपहरण किया जा रहा है।
सीट शेयरिंग और अन्य:
BMC की 227 सीटों में शिवसेना (यूबीटी) 145-150, मनसे 65-70 सीटें लड़ सकती है। नासिक में सीट बंटवारा फाइनल हो चुका है। कांग्रेस अकेले लड़ेगी, क्योंकि मनसे से गठबंधन स्वीकार नहीं। शरद पवार की एनसीपी (एसपी) से बात चल रही है।
यह गठबंधन मराठी वोटों को एकजुट करने की रणनीति है, जो महायुति (बीजेपी-शिंदे-अजित) को चुनौती देगा। कार्यकर्ता उत्साहित हैं, लेकिन महायुति इसे ‘स्वार्थ का गठबंधन’ बता रही है। BMC पर ठाकरे ब्रांड की वापसी की कोशिश!
