दुनिया के इन देशों में क्रिसमस पर सख्त बैन: सार्वजनिक सेलिब्रेशन नहीं होता, वजहें जानिए
दुनिया के इन देशों में क्रिसमस पर सख्त बैन: सार्वजनिक सेलिब्रेशन नहीं होता, वजहें जानिए
क्रिसमस दुनिया भर में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन कुछ देशों में यह त्योहार पूरी तरह प्रतिबंधित है या सार्वजनिक रूप से मनाने पर पाबंदी है। मुख्य वजहें धार्मिक (इस्लामिक कानून), राजनीतिक (धर्म विरोधी नीति) या सांस्कृतिक हैं। इन देशों में क्रिसमस ट्री, सांता क्लॉज, गिफ्ट्स या पब्लिक सेलिब्रेशन पर सजा तक हो सकती है। 2025 में भी स्थिति जस की तस है। आइए जानते हैं प्रमुख देश:
उत्तर कोरिया (North Korea): किम जोंग उन की तानाशाही में कोई धार्मिक त्योहार नहीं मनाया जाता। क्रिसमस को पश्चिमी संस्कृति का प्रतीक मानकर बैन है। यहां किम परिवार की जयंती मनाई जाती है। सेलिब्रेशन करने पर जेल या सजा।
सऊदी अरब (Saudi Arabia): इस्लाम की जन्मभूमि होने से गैर-इस्लामिक त्योहारों पर सख्त बैन। पब्लिक डिस्प्ले, ट्री या ग्रीटिंग्स पर पाबंदी। प्राइवेट में भी जोखिम।
ब्रुनेई (Brunei): 2015 से शरिया कानून लागू होने के बाद पब्लिक क्रिसमस बैन। सांता हैट या ट्री दिखाने पर 5 साल जेल या जुर्माना। नॉन-मुस्लिम प्राइवेट में मना सकते हैं।
सोमालिया (Somalia): मुस्लिम बहुल देश में क्रिसमस को इस्लाम विरोधी मानकर बैन। पब्लिक सेलिब्रेशन से धार्मिक तनाव का डर।
ताजिकिस्तान (Tajikistan): पब्लिक सेलिब्रेशन, ट्री, गिफ्ट्स और फायरवर्क्स बैन। विदेशी संस्कृति से बचाव का तर्क।
अफगानिस्तान (Afghanistan): तालिबान शासन में गैर-इस्लामिक त्योहार बैन। क्रिस्चियन अल्पसंख्यक प्राइवेट में भी जोखिम में।
अन्य देश जैसे अल्जीरिया, लीबिया, मॉरिटानिया, ट्यूनीशिया, उज्बेकिस्तान, यमन में भी पब्लिक हॉलिडे नहीं और सेलिब्रेशन सीमित। इनमें ज्यादातर मुस्लिम बहुल हैं, जहां क्रिसमस को इस्लामिक परंपराओं से टकराव मानते हैं।
ये बैन धार्मिक स्वतंत्रता पर बहस छेड़ते हैं। कई जगह प्राइवेट सेलिब्रेशन होता है, लेकिन पब्लिक में नहीं। दुनिया की विविधता यही है!
